स्कूल प्रबंधकों और पुस्तक विक्रेताओं का कॉकस तोड़ने के लिए जिला प्रशासन के हाथ बड़ा हथियार लगा है। वाणिज्य कर अफसरों की छापामारी में एक डायरी और कुछ पेपर हाथ लगे हैं। डायरी और पेपरों में पुस्तक विक्रेताओं से कमीशन की सौदेबाजी का उल्लेख है। इनकी जांच कर डीएम को सौंपा जाएगा।
वाणिज्य कर विभाग के अफसरों ने बृहस्पतिवार शाम शहर के तीन नामचीन स्कूल ब्रह्मनंद पब्लिक स्कूल, रेनेसा और डीपीएस में छापामारी की थी। डीएम के निर्देश पर अफसरों की छापामारी से अफरातफरी मच गई।
वाणिज्य कर अफसरों को तीनों स्कूलों के प्रबंधकों के दफ्तर से ऐसी डायरी और दस्तावेज मिले हैं, जिसमें पुस्तक विक्रेताओं के साथ कमीशन की सौदेबाजी का उल्लेख है। डायरी व दस्तावेज में बाकायदा पुस्तक विक्रेताओं के नाम और उनसे वसूला जाने वाला कमीशन दर्ज है।
कमीशन की धनराशि इतनी है कि खुद अफसर भी हैरान हैं। एक-एक पुस्तक विक्रेता से दो से पांच लाख रुपये तक का कमीशन वसूला जा रहा है। इनमें शहर के दर्जनों पुस्तक विक्रेताओं के नाम लिखे हुए हैं। वाणिज्य कर अफसरों ने डायरी व दस्तावेज जब्त कर लिए हैं। इनके आधार पर जांच की जा रही है।
सूत्रों का कहना है कि डायरी व दस्तावेज में दर्ज पुस्तक विक्रेताओं के खिलाफ भी विभागीय कार्रवाई की जा सकती है। जांच के बाद डायरी-दस्तावेज और रिपोर्ट डीएम को सौंपी जाएगी। इसके बाद आगे की कार्रवाई होगी।