सिकंदराबाद। रमजान का पवित्र महीना मंगलवार से शुरू हो गया है। पहला रोजा 13 घंटे 14 मिनट का होगा। सहरी का समय सुबह 5:11 बजे समाप्त हो जाएगा। जबकि शाम में 6:25 पर इफ्तार का समय होगा। रमजान को लेकर मुस्लिम समाज के लोगों ने सहरी के लिए ब्रेड आदि की जमकर खरीदारी की।
मौलाना मोहम्मद आरिफ ने बताया कि रमजान के महीने को तीन भागों में बांटा गया है। प्रथम दस दिन को पहला असरा कहा जाता है। 11 से 20 रोजे तक दूसरा असरा, 21 से 30वें रोजे तक तीसरा असरा होता है। पहला असरा रहमत का होता है। पहले असरे में खुदा से उनकी रहमत के लिए दुआ करनी चाहिए। ताकि खुदा अपनी रहमतें उनपर नाजिल करें और उन्हें हर मुसिबत से बचाये। दूसरा असरा मगफिरत का होता है। इस असरे में अपने गुनाहों से कसरत से मांफी मांगे। भविष्य में गुनाह ना करने की कसम खांए। तीसरा असरा जहान्नम की आग से छुटकारे का होता है। इस असरे में खुदा से उनके कहर और जहान्नम की आग से छुटकारे के लिए दुआ करें।
उन्होंने कहा कि रमजान के महीने में खुदा रोजेदार की दुआ को कबूल करता है। इसलिए रमजान के महीने में खुदा से अपने और अपने मुल्क में अमन, शांति, भाईचारे, आपसी सौहार्द के लिए कसरत से दुआ करें।