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टीजीटी परीक्षा : आखिरी दिन इतिहास और नागरिक शास्त्र ने दी राहत

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जीआईसी में टीजीटी परीक्षा देने के बाद बाहर निकलते अभ्यर्थी। - फोटो : BULANDSHAHR
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टीजीटी परीक्षा : आखिरी दिन इतिहास और नागरिक शास्त्र ने दी राहत
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बुलंदशहर। टीजीटी की परीक्षा शांतिपूर्ण संपन्न हुई। रविवार को दो पालियों में विभिन्न विषयों के पेपर हुए। अंतिम दिन इतिहास और नागरिक शास्त्र विषय ने परीक्षार्थियों को राहत दी। दोनों पालियों में 1543 परीक्षार्थियों ने परीक्षा छोड़ दी। केंद्रों पर कड़ी निगरानी रही।
रविवार को पहली पाली में सुबह नौ बजे से परीक्षार्थियों को केंद्रों में प्रवेश दिया गया। केंद्रों पर खड़े सचल दल और केंद्र व्यवस्थापकों ने परीक्षार्थियों की सघन तलाशी ली। इसके बाद उनके प्रवेश पत्र और पहचान पत्र देखने के बाद उन्हें परीक्षा कक्ष में प्रवेश दिया गया। पहली पाली की परीक्षा सुबह 9.30 से 11.30 बजे तक हुई। इसमें विभिन्न विषयों के 2,961 परीक्षार्थी पंजीकृत थे लेकिन 384 ने परीक्षा छोड़ दी।
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दूसरी पाली दोपहर 2.30 से 4.30 बजे तक आयोजित हुई। इसमें 4480 परीक्षार्थी पंजीकृत थे। 1159 ने परीक्षा छोड़ दी। 3321 ने परीक्षा दी। दूसरी पाली में भी केंद्रों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम रहे। केंद्र के 200 मीटर के दायरे में पूरी सख्ती बरती गई। अंतिम दिन दोनों पालियों में 5,898 परीक्षार्थियों ने परीक्षा में भाग लिया और 1543 में परीक्षा छोड़ दी। एसडीएम के नेतृत्व में बनाए गए सचल दल ने केंद्रों पर व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
कुल पंजीकृत 7441
उपस्थित 5898
अनुपस्थ्ति 1543
दोनों दिन की परीक्षा में 2811 रहे अनुपस्थित
जिले में नौ केंद्रों पर दो दिन में टीजीटी परीक्षा संपन्न हुई। इसमें 2811 परीक्षार्थियों ने परीक्षा छोड़ दी। अंतिम दिन दूसरी पाली में सबसे ज्यादा 1159 परीक्षार्थियों ने परीक्षा छोड़ी। परीक्षा छोड़ने का कारण क्या रहा, इसके बारे में कोई जानकारी नहीं मिल सकी।
इस बार कड़ा है मुकाबला
टीजीटी में चयन बोर्ड ने साक्षात्कार खत्म कर दिया है। ऐसे में सभी विषयों की एक-एक सीट पर कड़ा मुकाबला देखने को मिल रहा है। साक्षात्कार खत्म होने के बाद प्रश्नपत्र भी काफी कठिन आए हैं। ऐसे में परीक्षार्थी अपने चयन को लेकर काफी गंभीर हैं। पहले साक्षात्कार होता था तो मेरिट काफी कम जाती थी लेकिन इस बार सभी विषयों की मेरिट ज्यादा रहने की संभावना है।
बोले परीक्षार्थी
प्रश्नपत्र काफी आसान रहा। परीक्षा में इतिहास विषय से जुड़े काफी प्रश्न आए थे। ज्यादातर प्रश्न आसान थे लेकिन कुछ सवाल उलझाने वाले भी रहे। कुल मिलाकर पेपर अच्छा हुआ है। - स्नेहा दीक्षित।
नागरिक शास्त्र विषय के पेपर में राज्य के आवश्यक तत्व कौन से हैं और पूना समझौता पर हस्ताक्षरकर्ता कौन थे, जैसे सवाल शामिल रहे। अधिकतर सवाल आसान रहे। - अरुण कुमार।
परीक्षा को लेकर काफी संशय बना हुआ था लेकिन पेपर हाथ में आने के बाद काफी राहत मिली। नागरिक शास्त्र और इतिहास से संबंधित पेपर काफी आसान रहा। - अमित शर्मा।
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पेपर में पूछा गया कि किसने कहा था कि समानता की अभिलाषा के कारण स्वतंत्रता की आशा ही व्यर्थ है। इसके अलावा कुछ सवाल आसान भी रहे। - सोनम।
कोट
जिले में टीजीटी की परीक्षा शांतिपूर्वक संपन्न हो गई। आखिरी दिन दो पालियों में हुई परीक्षा में 7441 परीक्षार्थी पंजीकृत थे। परीक्षा में 5898 परीक्षार्थी शामिल रहे और 1543 परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे। परीक्षा कड़ी निगरानी के बीच करवाई गई। किसी भी केंद्र पर किसी तरह की गड़बड़ी सामने नहीं आई है। - शिव कुमार ओझा, जिला विद्यालय निरीक्षक।
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