संवाद न्यूज एजेंसी
बुलंदशहर। खुर्जा नगर क्षेत्र के गांव उस्मापुर में जुलाई 2018 को महिला की हत्या के मामले में न्यायालय ने दो आरोपियों को दोषी माना है। अपर सत्र न्यायाधीश न्याय कक्ष संख्या छह विवेक कुमार के न्यायालय ने दोनों दोषियों को दस-दस साल का सश्रम कारावास और 20-20 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
अपर जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी विमल कुमार ने बताया कि जुलाई 2018 को कोतवाली खुर्जा नगर में वादी मुकदमा रामसिंह निवासी गांव सरगांव थाना शिकारपुर ने तहरीर देकर बताया था कि उन्होंने अपनी दोनों बेटियों अनोस और मंजू की शादी करीब 10 साल पहले गांव उस्मापुर निवासी जयसिंह और सुरेंद्र के साथ की थी। शादी के बाद उनके दोनों दामाद जुआ खेलने और शराब पीने के आदी हो गए। 5 जुलाई 2018 की रात को अजयपाल और सुरेंद्र, जीतन और टीकाराम ने उनकी दोनों बेटियों की पिटाई कर दी। पिटाई से गंभीर घायल हुईं मंजू पत्नी सुरेंद्र की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि बड़ी बेटी को गंभीर चोटें आई थीं। पुलिस ने जांच कर आरोपी सुरेंद्र और अजयपाल के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल कर दिया। न्यायाधीश ने गवाहों के बयान, साक्ष्यों का अवलोकन और दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की दलीलों को सुनकर दोनों आरोपियों को दोषी माना। न्यायाधीश ने अभियुक्त पति सुरेंद्र और रिश्तेदार अजयपाल को सजा सुनाई है।