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सुविधा मिले तो और मिल सकते हैं जिले से ओलंपिक खिलाड़ी

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सुविधा मिले तो और मिल सकते हैं जिले से ओलंपिक खिलाड़ी
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बुलंदशहर। सरकारी स्तर से खिलाड़ियों को न तो पर्याप्त सुविधाएं मिल रही हैं और न ही उन्हें प्रोत्साहित करने के लिए संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे। इसके विपरीत खिलाड़ियों के जज्बे में कोई कमी नहीं है। वे अपने संसाधनों से प्रशिक्षण लेकर जनपद और देश का नाम रोशन कर रहे हैं। खिलाड़ियों का कहना है कि अगर खेल सुविधाएं बढ़ें तो जनपद से और भी ओलंपिक खिलाड़ी मिल सकते हैं। वर्तमान में जनपद के दो स्टेडियम का मात्र एक कोच संचालन कर रहे हैं।
टोक्यो ओलंपिक में जनपद से पहली बार तीन खिलाड़ियों ने चयन होने में सफलता पाई। इन तीन खिलाड़ियों में से दो को सेना द्वारा प्रशिक्षण देकर मुकाम तक पहुंचाया गया है। अगर दोनों खिलाड़ियों के हुनर को नजर अंदाज किया जाता तो शायद यह मौका मिलना मुश्किल हो जाता। लेकिन जनपद में अभी भी न जाने कितने ऐसे खिलाड़ी हैं जिन्हें सिर्फ अच्छे कोच का संरक्षण मिलने की आवश्यकता है। जिले में वैसे मुख्यालय पर दो स्टेडियम संचालित हो रहे हैं। लेकिन एक वर्ष पूर्व से दोनों स्टेडियम में सिर्फ क्रीड़ाधिकारी (क्रिकेट कोच) को छोड़कर अन्य किसी की तैनाती नहीं है।
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पिछले वर्ष मार्च में बंद हो गया था स्टेडियम
मार्च 2020 में कोरोना संक्रमण के चलते स्टेडियम को बंद कर दिया गया था। जो एक वर्ष बाद कोरोना संक्रमण की रफ्तार कम होने पर खोल दिए गए। पिछले 22 दिन से दोनों स्टेडियम बिना कोच के संचालित हो रहे हैं। यहां पर प्रतिदिन सैकड़ों खिलाड़ी बिना कोच के स्वयं प्रैक्टिस कर चले जाते हैं। उन्हें इंतजार है तो किसी अनुभवी कोच मिलने का। जिससे उनकी प्रतिभा निखर सके।
जिले में इन खेलों के रखे जाते हैं कोच
खेल अफसरों के अनुसार जिले में बास्केटबाल, कबड्डी, एथलेटिक्स, बॉक्सिंग, जूडो और स्वीमिंग आदि के कोच रखे जाते हैं। स्वीमिंग का कार्यभार जहां पिछले कई वर्षों से उपक्रीड़ाधिकारी पर था। जिनका 10 दिन पूर्व शासन द्वारा अंबेडकरनगर में क्रीड़ाधिकारी के पद पर स्थानांतरण कर दिया गया। शेष पांच कोच का मार्च 2020 को कॉन्ट्रेक्ट समाप्त हो गया। इसके बाद शासन द्वारा न तो इनकी समयावधि बढ़ाई गई और न नए रखे गए हैं।
बोले पूर्व खिलाड़ी
जिले में काफी प्रतिभाएं है जो संसाधन और सुविधाएं न मिलने पर दम तोड़ रही हैं। अगर जिले में खेलों के संसाधन बढ़ाए जाएं तो कई और खिलाड़ी सामने आएंगे।
- सुखदेव शर्मा, पूर्व खिलाड़ी / प्रशिक्षक
जिले में अब तक कई खिलाड़ी नेशनल और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिभाग कर जनपद और देश का नाम रोशन कर चुके हैं। अगर प्रतिभाओं को निखारने का मौका मिले तो कई खिलाड़ी देश का नाम रोशन कर सकेंगे।
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- मुनेश गिरी, पूर्व खिलाड़ी/कोच
20 से अधिक खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ले चुके हैं भाग
जिले में अब तक 20 से अधिक खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिभाग कर चुके हैं। कुछ खिलाड़ी बाहरी जनपद तो कुछ आर्मी में प्रशिक्षण ले रहे हैं। जिले में कोच शासन स्तर से रखे जाते हैं। कोच न होने की जानकारी से खेल निदेशालय को अगवत कराया जा चुका है।
- नवीन कुमार त्यागी, जिला क्रीड़ाधिकारी
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