बेटा पैदा नहीं होने पर एक सप्ताह पहले जलाई गई महिला की सोमवार को मौत हो गई। दो बेटियाें के जन्म लेने के बाद पति महिला का पांच बार गर्भपात करा चुका था। पीड़िता की मां ने पति समेत आठ लोगों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई है।
देवीपुरा प्रथम निवासी ओमवती देवी पत्नी राकेश जिंदल ने पुलिस को बताया कि उसने अपनी बेटी अंजू (30) की शादी कोठियात निवासी मनोज पुत्र स्व. प्रकाश चंद से 30 मई 2000 में की थी। शादी के बाद बेटी अंजू को दो बेटियां पैदा हुईं। ओमवती को 13 जून की रात करीब 8.30 बजे अंजू ने अपनी ससुराल बुलाया। ओमवती जब बेटी के यहां पहुंची तो सास स्नेहलता पत्नी प्रकाश चंद ने कहा कि अंजू से हमें किसी भी कीमत पर बेटा चाहिए।
बेटे के लिए मनोज पांच बार अंजू का गर्भपात करा चुका है। अंजू को आप लोग घर ले जाओ। वरना अंजाम अच्छा नहीं होगा। उस रात किसी तरह मामला शांत हो गया। 14 जून की रात जानकारी मिली कि अंजू झुलस गई है। वह अंजू को लेकर जिला अस्पताल पहुंचे, जहां से उसे दिल्ली के सफदरजंग रेफर कर दिया गया। अंजू की मां ने पुलिस को बताया कि रास्ते में अंजू ने उन्हें बताया था कि मनोज ने मिट्टी का तेल छिड़कर आग लगाई है।
सास स्नेहलता, जेठ राजेश उर्फ बॉबी, जेठानी आशा, ननद पूनम पत्नी संजय निवासी मुरादाबाद, ननदोई संजय, ननद कुसुम पत्नी आकाश और ननदोई आकाश ने उसका साथ दिया। 20 जून की दोपहर मंजू ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। नगर कोतवाल आरके सिंह ने बताया कि पति मनोज, सास स्नेहलता, जेठ राजेश, जेठानी आशा, ननद पूनम, ननदोई संजय, ननद कुसुम और ननदोई आकाश के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर ली है।