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Bulandshahar News: डेंगू से छह मौतों की पुष्टि, जिला अतिसंवेदनशील श्रेणी में शामिल

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जिला अस्पताल के डेंगू वार्ड में भर्ती मरीज। संवाद
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बुलंदशहर। संचारी रोग नियंत्रण के लिए 11 विभागों के सात हजार से अधिक कर्मी लगाए जाने के बाद भी जिले में डेंगू के केस दिन-प्रतिदिन बढ़ते जा रहे हैं। सरकारी आंकड़ों में 426 केस मिलने की पुष्टि की गई है तो छह लोगों की अब तक मौत होने की विभाग ने पुष्टि की हैं। डेंगू के मामले बढ़ने पर शासन ने जिले को अति संवेदनशील में डाल अभियान चलाने के निर्देश दिए। लेकिन जिले में डेंगू नियंत्रण को लेकर अभियान नहीं चल रहा। जबकि साफ-सफाई व फॉगिंग की व्यवस्था में लगे विभाग खानापूर्ति में जुटे हैं। इसके चलते निजी अस्पतालों में अधिकांश मरीज को डेंगू बुखार बता उपचार किया जा रहा है।
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जिले में पिछले तीन माह से बुखार तो दो माह से डेंगू का प्रकोप शहर से लेकर देहात क्षेत्र तक तेजी से फैल रहा है। बुखार से पीड़ितों के मामले बढ़ने के साथ डेंगू के मामले बढ़ने से लोग चिंतित नजर आ रहे हैं। हालात यह हैं कि प्रतिदिन सरकारी चिकित्सालयों से लेकर निजी अस्पतालों में मरीजों की सुबह से ही लाइन लगनी शुरू हो जाती है। पिछले दिनों मरीजों को बेड खाली न होने पर निजी अस्पतालों में इलाज करवाना पड़ा। शहर निवासी राजेश बुखार होने पर जिला अस्पताल में इलाज को पहुंचा। यहां पर डेंगू की एनएस-1 जांच में निगेटिव आया। राजेश ने बताया कि बुखार न उतरने पर निजी अस्पताल में जांच कराई तो डेंगू बुखार बताया। यहीं हालत अन्य लोगों की है। जिले के स्वास्थ्य विभाग द्वारा अब तक 2983 लोगों की जांच में 426 में डेंगू संक्रमण की पुष्टि की जा चुकी है। साथ ही छह लोगों की मौत डेंगू बुखार से होने की पुष्टि हुई है।
डेंगू नियंत्रण को लेकर बरती जा रही लापरवाही
आईएमए के पूर्व अध्यक्ष डॉ. संजीव अग्रवाल ने बताया कि जिले में डेंगू नियंत्रण को लेकर लापरवाही बरती जा रही है। डेंगू पर नियंत्रण को पूरी तरह प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग निष्क्रिय है। इसके चलते निजी चिकित्सालयों में डेंगू मरीजों की भरमार है। इसे रोकने के लिए ठोस उपाय जल्द से जल्द होने चाहिए। डेंगू से जिले में हजारों लोगों की मौत हो चुकी है, इस पर प्रशासन मौन हैं। लापरवाही बरतने वालों पर कार्रवाई होनी चाहिए।
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11 से अधिक विभागों की है जिम्मेदारी
जिले में एक अक्तूबर से संचारी रोग नियंत्रण अभियान शुरू हुआ। इसमें जिला प्रशासन ने स्वास्थ्य विभाग के साथ-साथ पंचायती राज, शिक्षा, पशुपालन, बाल विकास एवं पुष्टाहार, चिकित्सा शिक्षा, स्थानीय निकाय, कृषि, सिंचाई, उद्यान, दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग समेत अन्य विभागों को जिम्मेदारी दी। लेकिन अभियान के चार सप्ताह बीतने के बाद भी गांवों में दवाओं का छिड़काव तो दूर साफ-सफाई तक नहीं हो रही है। बुखार से पीड़ित या मृतक की सूचना पर स्वास्थ्य विभाग एंटी लार्वा का छिड़काव करवा रहा है। साथ ही लोगों को साफ-सफाई के लिए जागरूक कर रहा है। शासन ने भी डेंगू रोधी अभियान नहीं चलने की बात स्वीकार की है।

जिले में दवा का संकट नहीं है। लगातार जिले में डेंगू नियंत्रण को लेकर अभियान चलाया जा रहा हैं। जिला स्वास्थ्य समिति की कल बैठक बुलाई गई है। उसमें विभिन्न बिंदुओं पर वार्ता की जाएगी। - चंद्रप्रकाश सिंह, डीएम

जिले में डेंगू से छह लोगों की मौत हो चुकी है व 426 मामले मिल चुके हैं। डेंगू मरीज मिलने पर संबंधित का इलाज करवाने के साथ निगरानी की जा रही है। एंटी लार्वा का भी छिड़काव कराया जा रहा है। - डॉ. विनय कुमार सिंह, सीएमओ
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