कहते हैं राजनीति में कोई अपना-पराया नहीं होता है। रिश्ते को दूर रखकर राजनीति की जाती है। यह कहावत चरितार्थ होती है जिले की शिकारपुर विधानसभा सीट पर। यहां भाजपा और बसपा के प्रत्याशी रिश्ते में एक-दूसरे के समधी हैं, लेकिन चुनाव मैदान में वह एक-दूसरे के सामने होंगे।
शिकारपुर सीट पर 2012 का चुनाव अनिल शर्मा बसपा के टिकट पर लड़े थे और सपा के मुकेश पंडित ने मामूली अंतर से हार गए थे। अनिल शर्मा को बसपा ने 2017 विधानसभा चुनाव के लिए प्रभारी बनाया था, लेकिन 2015 में पार्टी ने उनका टिकट काटकर मुकुल उपाध्याय को प्रभारी घोषित कर दिया।
इसके बाद अनिल शर्मा ने भाजपा का दामन थाम लिया। अनिल शर्मा को बीजेपी ने शिकारपुर से प्रत्याशी घोषित किया है। भाजपा प्रत्याशी अनिल शर्मा के पुत्र कुश शर्मा से बसपा प्रत्याशी मुकुल उपाध्याय के बड़े भाई विनोद उपाध्याय की बेटी की शादी 24 फरवरी 2016 को हुई थी। बसपा और भाजपा प्रत्याशी रिश्ते में एक-दूसरे के समधी हैं।
अब दोनों आमने-सामने चुनाव मैदान में उतरेंगे। वहीं अनिल शर्मा संघ के पदाधिकारियों के करीबी माने जाते हैं। शिकारपुर से भाजपा के प्रत्याशी अनिल शर्मा दो बार 2002 व 2007 के विधानसभा चुनाव में बसपा के टिकट पर खुर्जा से विधायक रह चुके हैं।