केंद्र और यूपी सरकार की संयुक्त योजना शहरों में 100 फीसदी घरों को सीवर और वाटर लाइनों से जोड़ने की है। इसके लिए सरकार ने गाजियाबाद, बुलंदशहर, हापुड़, खुर्जा और लोनी की सीवर-वाटर कनेक्शन स्कीम को मंजूरी दे दी है। इन शहरों में लोगों को मुफ्त सीवर-वाटर कनेक्शन देने पर सरकार करीब 92 करोड़ रुपये खर्च करेगी। ‘अमृत’ स्कीम से जल निगम की योजना को फंड मिलेगा। जल निगम ने नगर निगम और संबंधित नगर पालिकाओं से मकानों की लिस्ट मांगी है।
योजना के पीछे सरकार का मकसद है कि नई लाइनों को बिछाने के बाद उनका 100 फीसदी इस्तेमाल होना चाहिए। नगर निगम और स्थानीय निवासियों की उदासीनता से करोड़ों के फंड से बिछाई जाने वाली सीवर और पानी की लाइनों का सही इस्तेमाल नहीं हो पाता। यही वजह है कि केंद्र सरकार ने पहली बार इस मद में फंड जारी करने का फैसला लिया है। जल निगम ने खुर्जा, बुलंदशहर, गाजियाबाद, हापुड़ और लोनी के लिए सीवर-वाटर कनेक्शनों की योजना बनाकर प्रदेश सरकार को भेजी थी। कई चरणों में हुई बैठकों के बाद प्रस्तावों में संशोधन कराए गए। अब केंद्र और प्रदेश सरकार की हाईपावर कमेटी से इन योजनाओं को मंजूरी मिल गई है।
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सबसे ज्यादा पैसा गाजियाबाद में होगा खर्च
इन योजनाओं में सबसे ज्यादा पैसा गाजियाबाद में खर्च होगा।
यहां सीवर कनेक्शनों के लिए 35.35 करोड़, वाटर कनेक्शन के लिए 32.27 करोड़, बुलंदशहर में वाटर कनेक्शन के लिए 1.13 करोड़, खुर्जा में वाटर कनेक्शन के लिए 4.96 करोड़, हापुड़ में वाटर कनेक्शन के लिए 17.04 करोड़ और लोनी में सीवर कनेक्शन पर करीब 2 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इनमें 70 फीसदी रुपया केंद्र और 30 फीसदी राज्य सरकार देगी।
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अधिकारी बोले
सीवर-वाटर कनेक्शन योजनाओं को मंजूरी मिल गई है। खुर्जा और बुलंदशहर में इसके लिए शासनादेश जारी हो चुका है। जल्द ही अन्य स्थानों के शासनादेश जारी होने के बाद फंड मिल जाएगा। उम्मीद है कि दो महीने में योजना पर काम शुरू हो जाएगा।
- केशव गुप्ता, अधीक्षण अभियंता, जल निगम