धूपबत्ती, अगरबत्ती से महकेगा महिलाओं का जीवन
सिकंदराबाद। अब महिलाएं धूप बत्ती, अगर बत्ती आदि बनाकर आत्मनिर्भर बनेंगी। स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को गांव-गांव जाकर आरसेटी (रूरल सेल्फ इंप्लायमेंट ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट) द्वारा धूपबत्ती और अगरबत्ती बनाने आदि का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
सहायक विकास अधिकारी आईएसबी धमेंद्र कुमार ने बताया कि विकास खंड क्षेत्र में 436 स्वयं सहायता समूह सक्रिय हैं। स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए प्रशिक्षण दिया जा रहा है। महिलाओं को धूपबत्ती, अगरबत्ती बनाने, सिलाई कढ़ाई के अलावा अन्य रोजगार संबंधी कार्यों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। स्वयं सहायता समूह की महिलाएं पत्तल, चप्पल, दुग्ध व्यवसाय, खेती आदि कार्यों से जुड़कर आत्मनिर्भर बन रही हैं। ग्राम बिरौंडी ताजपुर, शेरपुर में स्वयं सहायता समूह की महिलाएं पत्तल बनाकर रोजगार से जुड़ी हैं। ग्राम जौली में ठेके पर जमीन लेकर महिलाएं सब्जी उगाने का कार्य कर रही हैं। महेपा जागीर में दुग्ध व्यवसाय कर रही हैं। ग्राम पीरबियावानी में स्वयं सहायता समूह की महिलाएं सिलाई कढ़ाई के माध्यम से रोजगार से जुड़ी हैं। ग्राम गांगरौल में स्वयं सहायता समूह चप्पल बनाने का कार्य कर रहा है। इसके अलावा विकास खंड के बहुत से गांवों में स्वयं सहायता समूह की महिलाएं विभिन्न कार्यों से जुड़कर आत्मनिर्भर बन रही हैं। हाल ही विकास खंड के गांव महेपा जागीर में स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को आरसेटी धूप बत्ती, अगर बत्ती बनाने का प्रशिक्षण दे रही है।
स्वयं सहायता समूह के खाते खोलने को बैंक में लगाया कैंप
सिकंदराबाद। सहायक विकास अधिकारी धमेंद्र कुमार ने बताया कि गठित स्वयं सहायता समूह के बैंक में खाते खुलवाए जा रहे हैं। ताकि सरकार योजनाओं से मिलने वाला लाभ सीधे उनके खाते में पहुंच सके। स्वयं सहायता समूह के खाते खुलवाने के लिए बृहस्पतिवार को राष्ट्रीयकृत बैंकों में कैंप लगाया गया। वित्तीय वर्ष 2021-2022 में स्वयं सहायता समूह के 288 खाते खुलवाने का लक्ष्य रखा गया था। अब तक 128 स्वयं सहायता समूह के बैंक में खाते खुलवाए जा चुके हैं। 84 स्वयं सहायता समूह के खाते खुलवाने के लिए बैंक की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। शेष स्वयं सहायता समूह के खाते खुलवाने की प्रक्रिया चल रही है।