कबाड़ में तब्दील हो रहे थानों में रखे वाहन
बुलंदशहर। थाने-चौकियों पर खड़े आपके वाहन सुरक्षित नहीं हैं। कहीं पुर्जे और टायर गायब हैं तो कहीं हजारों वाहन कबाड़ की स्थिति में पहुंच चुके हैं। इनकी नीलामी भी खानापूर्ति के लिए होती है। ये सामान चोरी हुए हैं या किसी सेटिंग के जरिए बदलवा दिए जाते हैं, यह जांच का विषय है।
जनपद में महिला थाने समेत कुल 28 थाने और छह रिपोर्टिंग चौकी हैं। इनके परिसर में हजारों की संख्या में दोपहिया, चार पहिया वाहन और विभिन्न ट्रक, बस व अन्य वाहन खड़े हैं। ये वाहन विभिन्न वारदातों में बरामद किए गए, दुर्घटनाग्रस्त हुए या फिर पुलिस के द्वारा सीज किए गए हैं। एक बार थाने पर इन वाहनों के पहुंचने के बाद इनकी दुर्दशा प्रारंभ हो जाती है। देखते ही देखते कुछ वाहनों के पुर्जे, इंजन और अधिकतर टायर ही गायब हो जाते हैं। जिस पर थाना प्रभारियों, चौकी प्रभारियों या अन्य अफसरों की नजरें नहीं जाती हैं। वाहनों के पुर्ज गायब होना पुलिस की कार्यशैली पर भी सवाल खड़े करता है। कई बार पुलिस भी लोगों से सांठगांठ कर इन वाहनों के पार्ट्स अदला-बदली कराने के आरोप भी लग चुके हैं। करीब दो वर्ष पूर्व भी एक पुलिसकर्मी पर इसी तरह के आरोप लगे थे, जांच में दोषी पाए जाने पर अधिकारियों के द्वारा संबंधित के खिलाफ कार्रवाई भी की गई थी। यही नहीं एक तय सीमा बीत जाने के बावजूद नीलामी भी नहीं कराई जाती। जिससे खुले आसमान के नीचे वर्षों तक खड़े रहने से अधिकतर वाहन कबाड़ की स्थिति में पहुंच जाते हैं। इसका उदाहरण जनपद के अधिकतर थानों और चौकियों में देखने को मिल रहा है।
हाल ही में दो थानों पर हो चुकी है वाहनों की नीलामी, एक थाने पर होगी आज
हालांकि, जनपद में हाल ही में दो थानों पर वाहनों की नीलामी की गई। बीते दिनों डिबाई कोतवाली में 26 मई को दर्जनों दो पहिया व दो चार पहिया वाहनों की नीलामी की प्रक्रिया पूरी की गई थी। वहीं, सोमवार को नरसेना थाने में भी वाहनों की नीलामी की गई। साथ ही अब बुधवार कर बीबीनगर थाने में वाहनों की नीलामी की जानी है।