पति से छिपकर अपनी अल्प बचत कर महिलाएं थोड़ी बहुत धनराशि अपने पास रखती हैं। हालांकि यह सब परिवार की जानकारी में होता है। महिलाएं इनसे अपने खर्च के साथ घरों के बजट को मेनटेन रखती हैं। किस महिला पर कितनी धनराशि है, पांच सौ व एक हजार के नोट के बंद होने से उसकी पोल खुलने लगी है।
समाचार आते ही सबसे ज्यादा चिंता महिलाओं को अपने नोटों की हो रही है। पत्नी अब अपने पति को छुपे हुए नोट दे रही हैं। पांच सौ व हजार के नोट बंद होने की चर्चा बुधवार को दिन निकलते ही बाजार में होने लगी।
व्यापारी एक-दूसरे से नोटों के बंद होने से होने वाले नफा-नुकसान की चर्चा कर रहे थे। इससे आर्थिक स्थिति पर क्या दिक्कत होगी और क्या सुधार होंगे, इसे लेकर पूरे दिन चर्चा का दौर रहा।
कैसे उठेगी बिटिया की डोली, 11 नवंबर को है देवोत्थान
नरौरा। 11 नवंबर को देवोत्थान होने के कारण शादी विवाह वाले घरों में नोटों की बंदी से भारी किल्लत हो रही है। बीती रात बैंकों के एटीएम पर लोग पहुंचने लगे। एसबीआई मुख्य बाजार का एटीएम बंद कर दिया गया, इसपर कई लोगों की सुरक्षाकर्मी से बहस हुई।
एनएपीएस कालोनी में स्थित एसबीआई के एटीम पर लोगों की भीड़ लगी रही। ग्राहकों ने बताया कि एटीएम सौ सौ के नोट निकाल रहा था। 11 नवंबर को देवोत्थान होंने के कारण बड़ी संख्या में शादी विवाह हैं। नलोट बंदी से ऐसे परिवारों के सामने संकट खड़ा हो गया है।
गुल्लक तोड़ निकाले पैसे,चला घर खर्च
कई लोगों को घर खर्च चलाने के लिए बच्चों की गुल्लक तोड़नी पड़ी। दाल, तेल और मसाला खरीदने के लिए बच्चों की गुल्लक से पैसा निकालकर दुकानदारों को अदा किया गया। कई घरों में बच्चों को दी गई पाकेट मनी वापस ले ली गई जिससे सब्जी और घरेलू जरूरत का सामान खरीदा जा सका।
महिलाओं के बीच आने वाले दो दिनों के हालात की चर्चा जोरों पर रही।
दलालों की चांदी, कम कीमत पर बदले नोट
सिकंदराबाद। 500-1000 के नोटों का चलन बंद होने पर दलालों की खूब चांदी रही। दलालों ने लोगों से कम कीमत पर नोट बदले। दुकानदारों के 500-1000 के नोट लेने से इनकार करने पर दलालों ने लोगों की मजबूरी का खूब फायदा उठाया।
जरूरत का सामने खरीदने के लिए मजबूर लोगों से नगर के सब्जी मंडी, सहित कई बाजारों में 500 का नोट 400 में और 1000 का नोट 800 में बदला गया।