सहमे बच्चों ने दी हादसे की जानकारी
छात्र आर्यन ने बताया कि स्कूल जाने के लिए वैन में बैठा था। कुछ दूर चलते ही वैन के पिछले हिस्से में आग लग गई। जिससे उसके कान के पास के बाल जल गए। हादसे के वक्त वह पीछली सीट पर बैठा हुआ था। हादसे के बारे में बताते हुए वह बार-बार सहम रहा था। वहीं, परिजनों का भी कहना है कि चालक से कई बार गाड़ी को बदलने की बात कही गई। लेकिन, वह नहीं माना। परिजन बच्चों के सकुशल होने पर राहत महसूस कर रहे हैं।
ट्रांसपोर्ट फीस लेने के बाद भी बच्चों की जिंदगी से खिलवाड़
अभिभावकों के मुताबिक वैन की सुविधा स्कूल की ओर से उपलब्ध कराई गई है। ट्रांसपोर्ट फीस के तौर पर तीन हजार रुपये वसूले जाते हैं। इसके बावजूद स्कूल प्रबंधन व वाहन चालकों की ओर से बच्चों की जिंदगी से खिलवाड़ किया जा रहा है। वैन में एलपीजी सिलिंडर लगाकर चलाना अपराध है, इसके बावजूद देहात क्षेत्रों में ऐसे वाहन धड़ल्ले से चलाए जा रहे हैं। पुलिस और आरटीओ विभाग भी इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है।
शॉर्ट सर्किट होने से कार के अंदर कुछ चिंगारी उठने की जानकारी मिली है। आग की सूचना नहीं है। बच्चों के मामूली रूप से बाल झुलसने की भी जानकारी है। इस संबंध में अग्रिम कार्रवाई की जाएगी। -पूर्णिमा सिंह, सीओ सिकंदराबाद।
आग नहीं लगी, केवल धुआं उठा : स्कूल प्रबंधन
इस मामले में स्कूल प्रबंधक का दावा है कि गाड़ी में आग नहीं लगी केवल धुआं ही उठा था। प्रबंधक राहुल कसाना ने बताया कि वैन में रखी बैटरी में स्पार्किंग होने के कारण धुआं उठा था। किसी भी बच्चे को चोट नहीं आई है।