कॉलेज बस में आग की घटना के बाद अभिभावकों का हंगामा
ऊंचागांव। एक कन्या डिग्री कॉलेज की बस में बृहस्पतिवार दोपहर आग लगने की घटना के बाद छात्राओं ने किसी तरह कूदकर अपनी जान बचाई थी। शुक्रवार की सुबह अभिभावक व छात्राएं कॉलेज पहुंचीं तथा प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगा हंगामा किया। एक ओर छात्राएं बस में आग लगने का आरोप लगा रही थीं तो कॉलेज प्रबंधन डीजल पाइप फटने से तेल साइलेंसर तक पहुंचने से धुआं निकलने का दावा कर रहा है। बाद में प्रबंधक के जांच कराए जाने के आश्वासन पर लोगों का गुस्सा शांत हुआ।
नरसेना स्थित श्रीमती शारदा देवी ज्वाला प्रसाद अग्रवाल कन्या डिग्री कॉलेज में क्षेत्र के दर्जनों गांवों की छात्राएं पढ़ने के लिए जाती हैं। काफी संख्या में छात्राएं कॉलेज की बस से ही घर और कॉलेज आती जाती हैं। बृहस्पतिवार को गांव चासी, रसूलपुर, थाना गजरौला, मवई, मडैयां, शफीनगर, खंदोई और नरेन्द्रपुर की दर्जनों छात्राएं कॉलेज से छुट्टी के बाद बस से घर जा रही थीं। नरसेना से नरेन्द्रपुर मार्ग पर नहर पुल के निकट बस के ईंजन से धुआं निकलने पर छात्राओं में चीख पुकार मच गई। छात्राओं ने बस से नीचे उतर कर अपनी जान बचाई। छात्राओं का कहना है था कि बस के निचले हिस्से में आग लगी थी। बस के अंदर धुआं भर गया था। इसके बाद उन्होंने आग लगने की शिकायत प्राचार्या से की। छात्राआें ने परिजनों को घटना से अवगत कराया। परिजनों ने प्राचार्या से फोन पर बातचीत कर समस्या बताई। जिस पर प्राचार्या ने दूसरी गाड़ी की व्यवस्था न होने की बात कही। शुक्रवार को परिजन व छात्राओं ने कॉलेज पहुंच कर प्राचार्या के खिलाफ प्रदर्शन कर हंगामा किया। हंगामा बढ़ता देख कालेज के प्रबंधक मनोज अग्रवाल ने छात्राओं के परिजनों से मुलाकात कर जांच कराकर कार्रवाई का आश्वासन दिया।
एक माह में तीन बार शिकायत
छात्राओं का आरोप है कि उक्त बस पूर्व में भी कई बार रास्ते में खराब हो चुकी है। इसके बाबत उन्होंने प्राचार्या से भी तीन बार शिकायत की। लेकिन, उनकी शिकायत पर कोई सुनवाई नहीं हुई। न ही स्कूल प्रबंधन की ओर से छात्राओं की सुविधा के लिए बस की समस्या को निस्तारित किया गया।
बस में सीटों से अधिक छात्राएं
कॉलेज में सीटों के अनुरूप ही छात्र या छात्राओं को लाने व ले जाने की अनुमति होती है। लेकिन, इसके बावजूद स्कूल व कालेज बसों में निर्धारित संख्या से अधिक छात्र-छात्राओं को ले जाया जाता है। कॉलेज की छात्राओं ने भी बस में सीटों की संख्या से दोगुना छात्राओं को ले जाने का आरोप लगाया है।
छात्राओं को छोड़ने के लिए जा रही बस की डीजल पाइप फट गई थी, जिससे साइलेंसर पर डीजल जाने से गाड़ी में धुआं भर गया था।
- मनोज अग्रवाल, कॉलेज प्रबंधक