गैराज में खड़ी रोड स्वीपर, सड़क पर जम रही धूल
बुलंदशहर। जनता को सुविधा देने के लिए खरीदी गई करोड़ों रुपये की मशीनरी नगर पालिका के गैराज की शोभा बढ़ा रही है। करीब सात पहले 50 लाख रुपये की लागत से सड़कों की सफाई के लिए खरीदी गई रोड स्वीपर अब चलने लायक भी नहीं रह गई है।
वर्ष 2014-15 में नगर पालिका ने सड़कों को चकाचक करने का दम भरते हुए 50 लाख रुपये की लागत से रोड स्वीपर मशीन और करोड़ों रुपये के अन्य वाहन भी जनता को सुविधा देने के लिए खरीदे गए थे। वाहनों की खरीद के बाद वाहवाही बटोरी गई, लेकिन जनता के हाथ हर बार की तरह खाली ही रहे। जिन मशीनों को जनता की सुविधा, सड़कों की सफाई, कूड़ा उठान के लिए खरीदा गया था, वह इन दिनों नगर पालिका के गैराज में खड़ी हुई पालिका की शोभा बढ़ा रहीं हैं। शहर की सड़कों पर धूल जमी पड़ी है और हवा चलने पर उड़ती है, लेकिन नगर पालिका की फाइलों में सड़कें एकदम साफ-सुथरी और चकाचक हैं। हालात यह हैं कि रोड स्वीपर मशीन को लंबे समय से सड़क पर न उतारने के कारण अब चलने की स्थिति में भी नहीं है। अधिकारी अब मशीन को सड़क पर उतारने की सोच रहे हैं, लेकिन मरम्मत कैसे कराई जाए, इसकी व्यवस्था अभी तक नहीं हो सकी है। मशीन खरीदने के बाद से अभी तक बमुश्किल दस बार सड़कों पर उतारकर सफाई कराई गई है।
विशेषज्ञ चालक का भी अभाव
रोड स्वीपर को चलाने के लिए विशेषज्ञ चालक की तैनाती आवश्यक है, लेकिन मशीन खरीदने के बाद अभी तक विशेषज्ञ चालक की तैनाती नहीं हो पाई है। साथ ही इतनी संख्या में सफाई कर्मचारी भी नगर पालिका ने तैनात नहीं किए हैं जो मशीन के संचालन के समय सात से आठ कर्मचारी तैनात किए जा सकें।
सड़कों में जगह-जगह गड्ढे, कैसे हो सफाई
शहर में सीवर लाइन बिछाने के बाद सड़कों में जगह-जगह गड्ढे हो रहे हैं। नगर पालिका सीवर लाइन के लिए निर्धारित अंश का भुगतान करने की ओर कदम उठा रही है, लेकिन कार्यदायी संस्था से सड़कों के हालत सुधारने के लिए नगर पालिका ने पत्राचार कर खानापूर्ति कर ली। अब हालत यह है कि सड़कों के गड्ढों में मिट्टी जमा होती है और हवा के साथ उड़ती है, जबकि बारिश के दौरान इनमें पानी भरने से राहगीरों को परेशानी होती है।
जल्द चालू कराई जाएगी मशीन
रोड स्वीपर मशीन को चलाने के लिए कई कर्मचारियों की आवश्यकता होती है। मशीन को चालू करने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। जल्द ही मशीन को सड़क पर उतारकर सफाई कराई जाएगी।
- मनोज रस्तोगी, ईओ, नगर पालिका
कबाड़ा बनती जा रही हैं मशीन
जब मशीन खरीदी गई थी, उस समय भी इसका विरोध किया गया था। मशीन खरीदकर जनता के धन की बर्बादी की गई है। अब मशीन गैराज में खड़ी होकर कबाड़ा बनती जा रही है, लेकिन सड़कों की सफाई के बजाए अधिकारियों को खानापूर्ति करते हुए कमीशनखोरी से फुर्सत नहीं है।
- ऋषिपाल सिंह, सभासद