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Bulandshahar News: ओवरलोडिंग, ट्रिपिंग से मिलेगी राहत, विद्युतीकरण की बनेगी योजना

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बुलंदशहर। बिजली संकट से लोगों को राहत दिलाने के लिए अब बिजली विभाग भी नई कालोनियों की सूची बनाकर विद्युतीकरण के लिए कदम उठाएगा। शासन के निर्देश पर सभी नौ खंडों में कॉलोनियों के चिह्नीकरण की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
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जल्द ही शासन के निर्देश पर इन कालोनियों में विद्युतीकरण करने के साथ ही खंभों और ट्रांसफार्मर की पहचान के लिए विशेष निशान लगाए जाएंगे। शासन के इस कदम से जिले के करीब 10 लाख लोगों को बिजली संकट से राहत मिलेगी।
ऊर्जा विभाग ने सभी वितरण खंडों से उनके क्षेत्र की विकसित और विकासशील कॉलोनियों का विस्तृत ब्योरा 15 दिन के भीतर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
सर्वे रिपोर्ट के आधार पर प्रत्येक कॉलोनी की बिजली जरूरत का आकलन कर अलग विद्युत ढांचा विकसित किया जाएगा। इसमें नए ट्रांसफार्मर, बिजली लाइनें और अन्य आवश्यक उपकरण शामिल होंगे।
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वर्तमान व्यवस्था में नई कॉलोनियों को अक्सर पास की पुरानी कॉलोनियों के ट्रांसफार्मरों से जोड़ दिया जाता है। आबादी बढ़ने के साथ ट्रांसफार्मरों पर क्षमता से अधिक भार पड़ने लगता है। इसका खामियाजा पुराने और नए दोनों क्षेत्रों के उपभोक्ताओं को बार-बार बिजली कटौती, ट्रिपिंग और कम वोल्टेज के रूप में उठाना पड़ता है। कई स्थानों पर ट्रांसफार्मर समय से पहले खराब हो जाते हैं।
विद्युत विभाग का आंकलन है कि इस योजना से जिले के 10 लाख से अधिक उपभोक्ताओं को प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष लाभ मिलेगा। ट्रांसफार्मरों पर लोड कम होगा, फॉल्ट की घटनाएं घटेंगी और बिजली आपूर्ति पहले की तुलना में अधिक स्थिर हो सकेगी।
मुख्य अभियंता संजीव कुमार ने बताया कि शासन के निर्देश पर सभी अधिशासी अभियंताओं को अपने-अपने क्षेत्रों की विकसित और विकासशील कॉलोनियों का सर्वे कर 15 दिन के भीतर रिपोर्ट उपलब्ध कराने को कहा गया है। ऐसी कॉलोनियों में लगाए जाने वाले खंभे और ट्रांसफार्मर पर लाल रंग से पट्टियां लगाई जाएंगी, ताकि इन कालोनियों की पहचान अलग से हो सके।
कालोनी को विकसित करने के दौरान ही डीलर के माध्यम से विद्युतीकरण की धनराशि जमा कराई जाएगी। सर्वे के दौरान कॉलोनी का नाम, स्थिति, आबादी, मौजूदा विद्युत व्यवस्था, आवश्यक खंभों, ट्रांसफार्मरों और लाइन विस्तार की जरूरत सहित सभी बिंदुओं का विवरण रिपोर्ट में शामिल किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि शासन को 15 दिन के भीतर विस्तृत रिपोर्ट भेजी जानी है। रिपोर्ट के आधार पर प्राथमिकता तय करते हुए नई कॉलोनियों में बिजली ढांचे के विकास के लिए कार्ययोजना तैयार की जाएगी। इससे अविकसित कॉलोनियों के हजारों परिवारों को भविष्य में नियमित और बेहतर विद्युत आपूर्ति का लाभ मिल सकेगा।
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