किसानों ने चीफ इंजीनियर कार्यालय पर जड़ा ताला
बुलंदशहर। गांवों में बिजली चोरी के नाम पर अवैध वसूली के खिलाफ मंगलवार को भाकियू (अराजनैतिक) कार्यकर्ताओं ने चीफ इंजीनियर कार्यालय पर प्रदर्शन किया। इस दौरान आरोप लगाया कि विजिलेंस और बिजली निगम के जेई संविदा कर्मचारियों के माध्यम से अवैध वसूली करते हैं और न देने पर फर्जी चोरी के केस लगाते हुए मोटा जुर्माना लगाते हैं।
मंगलवार को भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) के पूर्व जिलाध्यक्ष गुड्डू प्रधान के नेतृत्व में सैकड़ों की संख्या में किसान बिजली निगम के चीफ इंजीनियर कार्यालय पर पहुंचे। इस दौरान किसानों ने आरोप लगाया कि विजिलेंस की टीम और बिजली निगम के जेई व एसडीओ संविदा कर्मचारियों के माध्यम से लोगों से अवैध वसूली करते हैं। गांवों में जाकर पहले छापा मारते हैं और बाद में संविदा कर्मचारियों के माध्यम से लोगों को अपने नंबर देकर सेटिंग के लिए बुलाते हैं। किसानों पर फर्जी तरीके से बिजली चोरी के मुकदमे थोपे जा रहे हैं। जिससे जिले भर के किसान परेशान हैं। बिजली निगम के अधिकारी आरोपियों पर कार्रवाई करने के बजाए उन्हें संरक्षण दे रहे हैं। इसके चलते वह अवैध वसूली में लिप्त हैं। प्रदर्शन करते हुए किसानों ने तीन घंटे से अधिक समय तक चीफ इंजीनियर कार्यालय पर ताला लगाते हुए अधिकारियों व कर्मचारियों को बंधक बनाए रखा। कर्मचारियों का आरोप है कि उनसे अभद्रता भी की गई। चीफ इंजीनियर के मौके पर मौजूद न होने के कारण तीनों एसई ने मौके पर पहुंचकर किसानों को समझाकर शांत किया।
विजिलेंस समेत अन्य जेई की संपत्ति की जांच की मांग
भाकियू के जिलाध्यक्ष गुड्डू प्रधान ने मांग की कि विजिलेंस जेई ने जमकर अवैध वसूली की है। जिसके चलते संपत्ति की जांच की जानी आवश्यक है। साथ ही कहा कि पिछले छह माह में जो भी छापेमार कार्रवाई की गई है, उनकी डीएम और चीफ इंजीनियर के निर्देशन में जांच कराई जाए। जिससे सच्चाई सामने आ जाए।
मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के कारण मैं बाहर था। मौके पर तीनों एसई को भेजकर किसानों को समझाया गया है। किसानों की जो भी समस्या है, उसे दूर करने के लिए शुक्रवार को वार्ता बुलाई गई है। समस्या का समाधान अवश्य किया जाएगा।
- अवधेश कुमार सिंह, चीफ इंजीनियर, बिजली निगम।