गन्ने की खेती को घाटे का सौदा मानकर भले ही किसानों ने हाथ पीछे खींच लिए हो, लेकिन मौजूदा सीजन में किसानों पर गन्ने ने ‘धनवर्षा’ कर दी। पिछले सीजन में कमोबेश इतने ही रकबे में गन्ना उगाकर 390 करोड़ रुपये किसानों को मिले थे। जबकि इस बार 615 करोड़ रुपये प्राप्त हुए हैं।
बंपर उत्पादन से जिले के तीन लाख किसानों को सीधे तौर पर आर्थिक लाभ पहुंचा है। जिला गन्ना विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक वित्त वर्ष 2015-16 में जिले की अनामकिा शुगर मिल, साबितगढ़ शुगर मिल, साबितगढ़ शुगर, हापुड़ की सिंभावली शुगर मिल, ब्रजनाथ शुगर मिल और संभल की रजपुरा शुगर मिल ने किसानों से 1.39 करोड़ क्विंटल गन्ना खरीदा था।
किसानों को 390 करोड़ रुपये भुगतान किया गया था। मौजूदा पेराई सत्र में छह शुगर मिलों ने 2.01 करोड़ क्विंटल गन्ना खरीदा। 315 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से इसका मूल्य 6.15 करोड़ होता है। इस हिसाब से किसानों को 225 करोड़ रुपये अधिक मिले। खासबात यह है कि गन्ना क्षेत्रफल में महज एक हजार हेक्टेरयर का अंतर रहा है।
अनूपशहर मिल पेमेंट में फिसड्डी
अनूपशहर शुगर मिल ने इस बार 103 करोड़ रुपये का गन्ना खरीदा है। मिल की ओर से अब तक किसानों को 25 करोड़ रुपये का भुगतान नहीं किया है। पेमेंट नहीं होने से किसान परेशान है।
जिला गन्ना अधिकारी एपी सिंह ने बताया एक मई से जीपीएस द्वारा गन्ना क्षेत्र में सर्वे शुरु हो चुका है। प्रारंभिक सर्वे के अनुसार जिले में अबकी पांच से छह फीसदी रकबा बढ़ सकता है। अधिक मुनाफा होने के कारण किसानों का रुख भी गन्ना उत्पादन की ओर मुड़ा है।
इस बार जिले के किसानों को 225 करोड़ रुपये अधिक का पेमेंट किया गया है। जबकि गन्ने के रकबे में एक फीसदी से भी कम बढ़ोतरी हुई थी। इस बार गन्ना क्षेत्र में इजाफा होना तय है। - एपी सिंह, जिला गन्ना अधिकारी