अमर उजाला ब्यूरो
पावर कारपोरेशन के संविदाकर्मियों की हड़ताल का असर अब बिजली व्यवस्था पर पड़ने लगा है। सोमवार आधी रात को शहर के दो मुख्य बिजलीघरों पर ब्रेकडाउन हो गया।
बिजलीकर्मियों की हड़ताल के कारण फाल्ट ठीक नहीं हो सका, जिससे आधे से ज्यादा शहर की बिजली गुल है। वहीं, संविदाकर्मियों की हड़ताल से अब कारपोरशन के अफसरों को भी पसीना आने लगा है।
फाल्ट होने के बाद हरकत में आए एक्सईएन ने यूनियन के पदाधिकारियों को वार्ता के लिए बुलाया, मगर कोई हल नहीं निकल सका।
उत्तर प्रदेश बिजली एंपलायज यूनियन ने कर्मियों को पिछले छह-सात माह से वेतन नहीं मिलने और कम वेतन मिलने के कारण सोमवार से हड़ताल शुरू कर दी है। हड़ताल के कारण बिजलीघरों पर कोई कर्मी नहीं है।
सोमवार रात लोकल फाल्ट के कारण शहर के दो मुख्य बिजलीघर यमुनापुरम और हाइडिल कालोनी पर ब्रेकडाउन हो गया। इसके कारण करीब आधे शहर की बिजली आपूर्ति सोमवार देर रात से ही ठप है।
शहर की बिजली आपूर्ति ठप हो जाने से हरकत में आए एक्सईएन बुलंदशहर डीसी शर्मा ने पदाधिकारियों को वार्ता के लिए बुलाया, लेकिन बात नहीं बन सकी। यूनियन सचिव सुरेंद्र सिंह ने कहा कि अफसरों-ठेकेदारों की मिलीभगत के कारण संविदाकर्मी भुखमरी की कगार पर हैं।
यदि दो दिन के भीतर समस्या का समाधान नहीं हुआ तो कर्मचारी शहर में भीख मांगेंगे और भीख में जो पैसे आएंगे, उसे अफसरों को दिया जाएगा।
संविदाकर्मियों ने एलान किया कि हड़ताल को और भी अधिक व्यापक किया जाएगा। इस दौरान राधेश्याम वर्मा, जयराम सिंह, नेमपाल सिंह, शिवनारायन, जयशंकर, महेशचंद शर्मा, नीरज गुप्ता समेत अन्य लोग मौजूद रहे।