बिजली संविदाकर्मियों की हड़ताल ने अफसरों को पसीना ला दिया है। हड़ताल खुलवाने के लिए चार बार वार्ता बुलाई गई, लेकिन हल नहीं निकल सका।
वहीं, शहर के बिजलीघरों में लोकल फाल्ट होने के कारण शटडाउन बढ़ रहे हैं। हर दो-तीन घंटे में बिजलीघरों से ब्रेकडाउन हो रहे हैं। फाल्ट ठीक करने में घंटों का समय लग रहा है। जिससे लोगों की परेशानी बढ़ गई है।
यूपी बिजली एंपलाइज यूनियन के बैनर तले संविदाकर्मी पिछले सोमवार से हड़ताल पर हैं। हड़ताल के कारण शहर के बिजलीघरों पर ब्रेकडाउन की स्थिति है।
हर दो-तीन घंटे में लोकल फाल्ट के कारण ब्रेकडाउन हो रहा है। जैसे-तैसे फाल्ट को ठीक कर आपूर्ति सुचारु की जा रही है। नगर क्षेत्र में बमुश्किल आठ से 10 घंटे की बिजली आपूर्ति हो पा रही है।
उपभोक्ताओं को तार जुड़वाने के लिए बिजलीघरों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं, लेकिन कर्मी नहीं होने से लाइन नहीं जुड़ पा रही है। बृहस्पतिवार को को एक्सईएन बुलंदशहर ने यूनियन पदाधिकारियों के साथ कई बार वार्ता की, लेकिन बात नहीं बनी।
यूनियन सचिव सुरेंद्र सिंह ने कहा कि बिजली अफसरों, श्रम विभाग के अफसरों और ठेकेदारों का गठजोड़ बना हुआ है, जो कर्मियों का शोषण कर रहा है।
जो ठेकेदार पिछले वर्ष कर्मियों का वेतन मार चुके हैं, उन्हें ही दोबारा टेंडर दिए जा रहे हैं। इस दौरान योगेंद्र सिंह, बलवीर सिंह, नीरज गुप्ता, सुशील शर्मा, राधेश्याम वर्मा समेत अन्य लोग मौजूद रहे।