चुनाव में डयूटी कटवाने को लेकर जांच करते चिकित्सक।
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चुनावी ड्यूटी से बचने के लिए बीमारी का बहाना करने वाले कर्मियों की दाल नहीं गल सकी। ड्यूटी कटवाने के लिए मेडिकल बोर्ड के सामने पेश होने पर उनके पसीने छूटने लगे। सीएमओ के सवाल पर ड्यूटी कटवाने पहुंचे कर्मचारी बगलें झांकने लगे। जिनकी परेशानी सही थी, उनकी ड्यूटी कट गई और जो बहाना कर रहे थे, उनके आवेदन पत्र खारिज कर दिए गए।
बीमारी का बहाना कर ड्यूटी कटवाने पहुंचे कई कर्मियों को मायूसी हाथ लगी। शुक्रवार को सीएमओ दफ्तर पर ड्यूटी कटवाने के लिए 50 से ज्यादा सरकारी कर्मी मेडिकल बोर्ड के समक्ष उपस्थित हुए। ये अपनी बीमारी के मेडिकल दस्तावेज लेकर पहुंचे थे।
इनमें करीब 20 से ज्यादा कर्मचारी ऐसे थे, जिन्होंने मामूली सी बीमारी का बहाना बनाकर चुनावी ड्यूटी से नाम कटवाने के लिए आवेदन किया था। मेडिकल बोर्ड के सामने प्रस्तुत हुए तो इनके पसीने छूट गए। सीएमओ के सवालों पर ये बगलें झांकने लगे। मामूली सी बीमारी को बढ़ा-चढ़ाकर पेश करने की कोशिश मेडिकल बोर्ड के सामने फेल हो गई।
सीएमओ ने ऐसे 20 से ज्यादा आवेदन खारिज कर दिए, जबकि वास्तविक रूप से बीमार 20 कर्मियों की ड्यूटी काट दी गईं। अधिक संख्या में आवेदन के कारण मेडिकल बोर्ड लगातार सात दिन तक आवेदकों की जांच करेगा।
चुनावी ड्यूटी सरकारी नौकरी का एक हिस्सा है। जिसकी बीमारी गंभीर है और वह चुनावी ड्यूटी करने में असमर्थ हैं, उनकी ड्यूटी काटी गई। -डॉ. दीपक ओहरी, सीएमओ