बुलंदशहर। अब बसों की तेज रफ्तार पर चालक के परिवार की तस्वीर अंकुश लगाएगी। सड़क हादसों को कम करने और लगाम लगाने के लिए परिवहन विभाग ने यह अहम फैसला लिया है। आंध्र प्रदेश की तर्ज पर बस की स्पीड पर लगाम लगाने के लिए डैशबोर्ड अथवा केबिन में ड्राइवर के परिजनों की तस्वीर लगाई जाएगी। इस पहल को अमल में लाने के लिए विभाग द्वारा रूपरेखा तय की जा रही है।
जिले के अलग-अलग हिस्सों से दिल्ली, लखनऊ, आगरा, राजस्थान, हरिद्वार समेत विभिन्न स्थानों पर रोडवेज और निजी बसों का संचालन होता है। कई बार बसों की तेज रफ्तार के चलते हादसे होते हैं। इन पर लगाम लगाने के लिए परिवहन विभाग ने बस चालकों के सामने परिजनों की तस्वीर लगाने का निर्णय लिया है। दरअसल परिवहन विभाग के अफसरों का मानना है कि परिवार की फोटो सामने होने पर ड्राइवर तेज गति से वाहन को नहीं चलाएंगे। साथ ही यह तस्वीर चालकों को यह भी याद दिलाएगी कि घर पर आपका कोई इंतजार कर रहा है।
अफसरों का मानना है कि तेज रफ्तार में बस चलाते वक्त चालक जब परिजनों की फोटो देखेंगे तो उनमें भावनात्मक परिवर्तन आएगा। संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) राजीव बंसल ने बताया कि सड़क हादसों पर लगाम लगाने के लिए बस के डैशबोर्ड अथवा केबिन में चालक के परिजनों की तस्वीर लगाने के निर्देश मिले हैं। रोडवेज अधिकारियों के साथ ही निजी बस यूनियनों के साथ बैठक कर इसकी रूपरेखा बनाई जाएगी। चुनाव के बाद इस कार्य की शुरूआत की जाएगी।