नगर के कई पार्क पशुओं के तबेला बन गए हैं। कुछ दबंगों ने अपने पशु पार्कों में बांध रखे है। आवास विकास सेकेंड के एक पार्क का हाल इसका उदाहरण है। पार्कों में भैंसे बंधने के कारण लोग सड़कों पर मॉर्निंग वॉक करने को मजबूर है।
नगर की पॉश कॉलोनियों से लेकर आम बस्तियों में पार्कों की हालत बदहाल है। क्षेत्र में नगर पालिका, बीडीए और आवास विकास के करीब 115 पार्क हैं। कुछ पार्कों को छोड़ दें तो अधिकांश जर्जर हालात में हैं। अधिकांश पार्कों की चारदीवारी भी नहीं है। कुछ पार्कों पर दबंगों का कब्जा है।
उन्होंने अपनी भैंसे बांध रखी है। आवास विकास सेकेंड का पार्क तबेला बना हुआ है। बड़ी संख्या में पार्कों पर स्थायी और अस्थायी अतिक्रमण है। आवास विकास के पार्कों की स्थिति सबसे ज्यादा खराब है। गाय, भैंस, बकरी बांधने के अलावा उपले भी पाथे जा रहे हैं।
ऐसे में लोगों को सड़कों पर घूमना पड़ रहा है, जोकि कई बार बेहद खतरनाक हो जाता है। पालिका द्वारा जीर्णोद्धार किए गए दो दर्जन पार्कों के रखरखाव के लिए चौकीदार और माली तैनात किए गए हैं, लेकिन यह अधिकांश समय गायब ही रहते हैं।
अमृत योजना से होगा पार्कों का विकास
नगर पालिका अमृत योजना से पार्कों का विकास कराएगी। इसमें हर साल पांच पार्कों का चयन किया जाएगा। इस साल भी नगर के पांच पार्कों में अमृत योजना के तहत विकास कार्य कराए गए। नगर पालिका ने इन पार्कों में झूले, ओपन जिम आदि भी लगवा रही हैं। इसके अलावा इन पार्कों में एलईडी लाइट लगवाई गई हैं।
पार्क में भैंस बांधने का मामला गंभीर है। इसमें जांच कर कार्रवाई करवाई जाएगी। नगर क्षेत्र के कई पार्कों का जीर्णोद्धार कराया गया है। जिन पार्कों की स्थिति खराब है, जल्द ही उनका भी विकास कार्य कराया जाएगा। - एके सिंह, ईओ, नगर पालिका