दिल्ली-हावड़ा रेल मार्ग के जंक्शन स्टेशन स्थित रेलवे का अस्पताल खुद ही उपचार को तरस रहा है। सबसे व्यस्त स्टेशन होने के बावजूद अस्पताल में इलाज तो दूर फर्स्टएड तक की व्यवस्था नहीं है।
अस्पताल में पिछले छह माह से डॉक्टर ही नहीं है। ऐसे में किसी भी रेल हादसे में घायल हुए लोगों को या तो अलीगढ़ या गाजियाबाद ले जाना पड़ता है।
दिल्ली-हावड़ा रेल मार्ग पर अलीगढ़ और दिल्ली के 12 स्टेशनों के बीच खुर्जा जंक्शन स्टेशन पर एक मात्र रेलवे का अस्पताल है। बावजूद इसके यहां सुविधाओं को टोटा है। ऐसे में रेल हादसों में घायल अथवा ट्रेन में सफर करने के दौरान गंभीर बीमारी से ग्रस्त मरीजों को इस अस्पताल से बाहर का रास्ता दिखा दिया जाता है।
काफी व्यस्त रूट होने के कारण स्टेशन और आसपास के क्षेत्र में आए दिन लोग रेल हादसे का शिकार होते हैं। ऐसे में घायलों को इलाज के लिए या तो अलीगढ़ भेजा जाता है अथवा गाजियाबाद।
चिकित्सक न होने से इलाज तो दूर फस्ट एड भी नहीं मिल पाता। ऐसे में देरी के चलते कई घायलों की जान भी जा चुकी है। यहां तक कि रेल कर्मचारियों को भी अपना इलाज कराने के लिए बाहर के अस्पतालों की तरफ रुख करना पड़ रहा है।