सब प्लानिंग के तहत रहा तो अब भूगर्भ में जल का स्तर नहीं घटेगा। प्रधानमंत्री सिंचाई योजना से न सिर्फ फसल में पानी की एक-एक बूंद का ठीक से इस्तेमाल होगा, बल्कि ग्राउंड वाटर लेवल भी नीचे नहीं लुढ़केगा। योजना के तहत दिल्ली में स्टेट वाइज अफसरों की ट्रेनिंग शुरू हो गई है। जनपद में भूजल के अधिक दोहन से डार्क ब्लाकों की संख्या चार से छह हो गई है।
प्रधानमंत्री सिंचाई योजना के तहत जनपद में कृषि क्षेत्रों को क्लस्टर जोन में बांटा जाएगा। सिंचित करने के लिए इलाकों (कलस्टर) में मध्यम गहरे नलकूप (बोर वेल) लगाए जाएंगे। नहरों रजवाहों से भी सिंचाई की व्यवस्था रहेगी। कलस्टर में नलकूप के आसपास चेक डेम, रिचार्ज वॉल, कंटूर, ट्रेंच और बंदी का बंदोबस्त होगा।
जितना पानी नलकूप के द्वारा भू गर्भ से निकाला जाएगा, कम से कम पानी की उतनी मात्रा को किसान चेक डेम, रिचार्ज वॉल, कंटूर, ट्रेंच और बंदी की व्यवस्था से संरक्षित करेंगे। किसान संरक्षित पानी को रिचार्ज वॉल, ट्रेंच के माध्यम से भू गर्भ में भेजा जाएगा।