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अगले ओलंपिक में गोल्ड जीतेगा लाल

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अगले ओलंपिक में गोल्ड जीतेगा लाल
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सिकंदराबाद। टोक्यो ओलंपिक में मैंस सुपर हैवी वेट बॉक्सिंग में पदक के प्रबल दावेदार माने जा रहे जनपद के सतीश यादव की रविवार को चुनौती बेशक समाप्त हो गई। लेकिन, जनपदवासियों को अपने लाल पर नाज है। ग्रामीणों का कहना है कि सतीश ने कमाल का प्रदर्शन किया, अगले ओलंपिक में वह गोल्ड जरूर जीतेंगे।
टोक्यो ओलंपिक में जनपद की चुनौती समाप्त
सिकंदराबाद। जनपद से टोक्यो ओलंपिक में नौकायन में खबरा के अरविंद सोलंकी, स्क्रीट शूटिंग में खुर्जा के मेराज, सिकंदराबाद क्षेत्र के गांव पचौता निवासी सतीश यादव बॉक्सिंग में प्रतिभाग कर रहे थे। अरविंद और मेराज के प्रतियोगिता से पूर्व में ही बाहर हो जाने पर सतीश पर पूरे देश की निगाह थी। परिजनों, ग्रामीणों और जनपद के लोगों को पूरा विश्वास था कि सतीश ओलंपिक में गोल्ड जीतकर देश का मान बढ़ाएंगे। रविवार को क्वार्टर फाइनल मुकाबला में हार के बाद ओलंपिक में इस बार भी जनपद की चुनौती समाप्त हो गई।
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मुकाबले से पहले फोन पर पिता से लिया था आशीर्वाद
सिकंदराबाद। सतीश के पिता किरनपाल सिंह ने बताया कि क्वार्टर फाइनल में मुकाबले से पूर्व सतीश ने उनसे फोन पर बात की और आशीर्वाद लिया। साथ ही चोट के बारे में बताया। उन्होंने सतीश का हौसला बढ़ाते हुए उसे अपना बेहतर प्रदर्शन करने के लिए कहा।
मुकाबले के दौरान हाथ जोड़कर प्रार्थना करती रहीं मां
सिकंदराबाद। रविवार सुबह करीब 9.40 बजे सतीश और उज्बेकिस्तान के खिलाड़ी के बीच मुकाबला शुरू हुआ। जैसे ही दोनों खिलाड़ी मुकाबले के लिए रिंग में उतरे तो पूजा कक्ष के बाहर बैठी मुकाबला देख रही सतीश की मां गुड्डी देवी ने बेटे की जीत के लिए हाथ जोड़कर प्रार्थना शुरू कर दी।
सतीश के घर एलईडी पर देखा ग्रामीणों ने मैच
सिकंदराबाद। सतीश के टोक्यो ओलंपिक में खेले जाने को लेकर उत्साहित ग्रामीण रविवार को उसके क्वार्टर फाइनल में खेले जाने वाले मुकाबले को लेकर काफी उत्सुक दिखाई दिए। खासक युवाओं में काफी जोश दिखा। सतीश और उज्बेकिस्तान के खिलाड़ी के बीच होने वाले मुकाबले को एलईडी पर देखने के लिए मुकाबला शुरू होने से घंटों पहले ही उनके घर पर ग्रामीणों की भीड़ जुटना शुरू हो गई थी। बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने सतीश के परिजनों के साथ मुकाबला देखा। गांव के युवाओं के अलावा, बुजुर्ग, बच्चे और गांव की महिला भी मुकाबले को देखने के लिए सतीश के घर पर मौजूद रहे। बहुत लोगों ने मोबाइल पर भी मुकाबला देखा। संवाद
पंच के साथ ही नाराें से गूंज उठता था सतीश का घर
सिकंदराबाद। सतीश यादव के घर एलईडी पर मुकाबला देख रहे ग्रामीण मुकाबले के दौरान काफी जोश में दिखाई दिए। जैसे ही सतीश अपने प्रतिद्वंद्वी पर पंच जड़ता था तो सतीश का घर भारत माता की जय, सतीश यादव जिंदाबाद, बाबा लाला जयसिंह की जय के नारों से गूंज उठता था।
अभार किया व्यक्त
ओलंपिक में खेलने के दौरान सतीश को मिले समर्थन, आशीर्वाद, प्यार, और उनकी जीत के लिए प्रार्थना करने के लिए देशवासियों, खासकर अपने गांव व क्षेत्र के लोगों का आभार व्यक्त करता हूं।
- किरनपाल सिंह, पिता
अगली बार बेटा जीतेगा गोल्ड
ओलंपिक में क्वार्टर फाइनल तक का सफर सतीश ने अपने हौसले व देशवासियों की प्रार्थना के बूते तय किया। विश्वास है कि सतीश के लिए की गई प्रार्थना अवश्य पूरी होगी। वह अगले ओलंपिक में गोल्ड जरूर जीतेगा।
- गुड्डी देवी, माता
हर-जीत खेल का हिस्सा
हार-जीत खेल का हिस्सा है। सतीश ने ओलंपिक में बेहतर प्रदर्शन किया। अपने खेल से उन्होंने सभी को प्रभावित किया। सतीश ने हारकर भी देशवासियों के दिल को जीत लिया है।
- महेशचंद यादव, सेवा निवृत्त कैप्टन
सतीश युवाओं के प्रेरणा स्रोत है। ओलंपिक में उनके प्रदर्शन ने युवाओं में जोश भर दिया है। उनसे प्रेरणा लेकर भविष्य में अन्य युवा देश का नाम रोशन करेंगे।
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- चमन यादव
सतीश देश का अभिमान हैं, देशवासियों को उन पर गर्व है। सतीश ने ओलंपिक में अपने प्रदर्शन से देश का गौरव बढ़ाया है। - शाहबुद्दीन
- सतीश ने हारकर भी देशवासियों के दिलों को जीत लिया है। घायल होने के बाद भी वह एक बहादुर फौजी की तरह लड़े और अपने प्रतिद्वंद्वी को कड़ी टक्कर दी।
- श्रीचंद
ओलंपिक में सतीश के प्रदर्शन से देश के खिलाड़ियों में ऊर्जा का संचार होगा। वह कठिन परिश्रम कर अंतर्राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिता में देश के लिए मेडल जीतकर तिरंगे की शान को बढ़ाएंगे।
- प्रमोद यादव
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