हमारे अरविंद ने जगाई पदक की उम्मीद... गांव में खुशी का माहौल
खुर्जा। खबरा गांव निवासी रोइंग खिलाड़ी अरविंद का शनिवार को ओलंपिक में पहला मैच था। मैच को देखने के लिए सुबह से ही परिजन और गांव के लोग टीवी के सामने बैठ गए। बेटे को देख अरविंद के पिता विजय सिंह बोले, मुझे बेटे पर नाज है, बेटा गोल्ड लेकर ही लौटेगा। गांव में जश्न का माहौल है। पहले मैच को लेकर पूरे दिन चर्चा होती रही।
गांव खबरा निवासी अरविंद सिंह सोलंकी टोक्यो ओलंपिक में भारतीय दल का हिस्सा हैं। अरविंद ने आर्मी ज्वाइन करने के बाद रोइंग (नौकायन) खेल में भाग्य आजमाया और आज वह एक बड़े मुकाम पर हैं। नेशनल प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन के आधार पर उन्हें ओलंपिक का टिकट मिला। टोक्यो में हो रहे ओलंपिक में क्षेत्र के गांव खबरा निवासी अरविंद सोलंकी और राजस्थान के नया बांस निवासी अर्जुनलाल जाट की जोड़ी लाइटवेट डबल स्क्लस रोइंग स्पर्धा मेें भारतीय दल की तरफ से भाग ले रहे हैं।
सुबह सात बजे से ही टीवी पर चिपके रहे परिजन, एक दूसरे को लगाया गुलाल
शनिवार सुबह साढे़ सात बजे शुरू हुआ बेटे का पहला मैच देखने के लिए पूरा परिवार उत्साहित दिखाई दिया। सात बजे से ही टीवी के सामने और मोबाइल लेकर परिवार के लोग बैठ गए। अरविंद के ताऊ मान सिंह ने कहा कि उसने गांव का ही नहीं पूरे भारत का मान बढ़ाया है। हमने कभी सोचा भी नहीं था कि उनका बेटा इतनी ऊंचाइयों तक पहुंचेगा। मां केशर देवी ने कहा कि विश्व में भारत का परचम लहराने वाले बेटे को जन्म देकर आज मैं धन्य हो गई। बड़े भाई कालीचरन, बहन पिंकी समेत परिवार के सभी लोग खुशी से फूले नहीं समा रहे। मैच देेखने के बाद परिवार के लोगों ने एक दूसरे को गुलाल लगाकर अपनी खुशी का इजहार किया।
जीत के लिए की भगवान से प्रार्थना
परिवार के लोग रोजाना ही अरविंद की जीत के लिए दुआ मांग रहे हैं। शनिवार को अरविंद के पिता, माता और परिवार के अन्य लोगों ने देवी मंदिर में पूजा अर्चना कर अरविंद की जीत के लिए प्रार्थना की।
बेटे ने नाम किया रोशन
छोटे से गांव खबरा को कोई जानता भी नहीं था। लेकिन अरविंद की वजह से भारत ही नहीं विश्व के लोग जान गए। हर रोज अरविंद के नाम के साथ मीडिया में भी खबरा गांव का नाम छाया हुआ है।
- श्याम वीर
अरविंद पहले से भी रोइंग स्पर्धा में देश का नाम रोशन करते रहे हैं। इस बार ओलंपिक में जाकर भारत का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। हम गांव वालों के लिए यह गर्व की बात है। गांव को भी लोग जान गए हैं।
राजेन्द्र सिंह
अरविंद के ओलंपिक में जाने से गांव के लोगों में खुशी हैं। खुद को गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं। गांव का बेटा इतने बड़े मुकाम पर पहुंच गया। उम्मीद है कि वह गोल्ड जीत कर लौटेगा।
- संजय सिंह
कभी सोचा भी नहीं था कि हमारे बीच रहने वाला अरविंद आसमान छूएगा। आज इतनी खुशी हो रही है कि उसे शब्दों में बयां नहीं कर सकता। भगवान से यही प्रार्थना है कि वह जीत कर लौटे।
- रविन्द्र
रोइंग में अब तक अरविंद का सफर
अरविंद ने 37वीं नेशनल चैंपियनशिप 2018 में दो गोल्ड मेडल, 2019 में हुई वर्ल्ड रोइंग चैंपियनशिप में 13वां स्थान जो ऑस्ट्रेलिया में आयोजित हुई। साउथ कोरिया में 19वीं एशियन चैंपियनशिप में सिल्वर मेडल, 38वीं नेशनल चैंपियनशिप में दो सिल्वर मेडल जीत चुके हैं। खेल में उम्दा प्रदर्शन किए जाने पर हाल ही में सेना में नायब सूबेदार के पद पर प्रमोट हुए हैं।