एनएच-91 पर मां-बेटी के साथ हुए गैंगरेप के बाद हाईकोर्ट के आदेश पर दर्ज हुए मामलों का खुलासा करने के बजाय पुलिस कुंडली मारे बैठी है। हाईकोर्ट द्वारा संज्ञान लेने के बाद दिल्ली के एक परिवार ने कोतवाली देहात में डकैती की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। साथ ही लूटपाट के दो मामले नई मंडी चौकी में दर्ज हुए थे। अपने काम को छोड़कर अन्य कार्यों में लगी क्राइम ब्रांच की टीम आज तक इन केसों की विवेचना ही कर रही है।
29 जुलाई 2016 की रात एनएच-91 पर कोतवाली देहात क्षेत्र में मां-बेटी के साथ गैंगरेप हुआ था। घटना से कुछ दिन पहले कोतवाली देहात क्षेत्र में ही दिल्ली के एक परिवार से लूटपाट व मारपीट हुई थी, लेकिन कोतवाली देहात पुलिस ने क्राइम कंट्रोल के नाम पर केस दर्ज नहीं किया और पीड़ित परिवार को फटकार कार भगा दिया था।
इस घटना को एक समाचार पत्र ने प्रकाशित किया था। जिस पर हाईकोर्ट ने संज्ञान लेते हुए तत्कालीन सरकार को एफआईआर दर्ज करने और दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई के आदेश दिए थे। दिल्ली की सुंदर नगरी निवासी नौशे ने पुलिस को दी तहरीर में बताया था कि 9 जुलाई 2016 को वह अपने परिवार के साथ कार द्वारा हाथरस से दिल्ली जा रहे थे।
दोस्तपुर गांव के पास कार रुकते ही 8-9 बदमाशो ने हथियारों के बल पर बंधक बना लिया। बदमाशों ने 25 हजार रुपये, दो मोबाइल व जेवरात लूट लिए थे। तभी एक बस रुकी, जिसे देखकर बदमाश भाग खड़े हुए। नई मंडी चौकी पुलिस ने दो और लूटपाट व मारपीट के मामले दर्ज किए। तत्कालीन एसएसपी अनीस अहमद अंसारी ने वारदातों को छिपाने के आरोप में 14 पुलिसकर्मियों को संस्पेंड किया था।