बुलंदशहर। सड़क हादसों में घायल एवं गंभीर बीमारी से पीड़ित मरीजों को एक्सरे के लिए स्ट्रेचर पर लेटकर एक्सरे कक्ष की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी। अब बेड पर संबंधित का एक्सरे किया जा सकेगा। इसके लिए जिला अस्पताल को पोर्टेबल एक्सरे मशीन मिल गई है। जल्द ही पोर्टेबल एक्सरे मशीन को सक्रिय कर इमरजेंसी में जांच सेवा शुरू कर दी जाएगी। मशीन से बेड पर एक्सरे सेवा की शुरुआत होने से मरीजों को काफी राहत मिलेगी।
जिला अस्पताल में प्रतिदिन औसतन 150 से 200 एक्सरे होते हैं। यहां तीन मैनुअल एक्सरे मशीनों के साथ एक डिजिटल एक्सरे मशीन लगी हुई है। एक्सरे अधिक होने पर लोगों को घंटों लाइन में खड़ा रहना पड़ता है। वहीं, गंभीर मरीजों को स्ट्रेचर पर या व्हील चेयर पर बैठाकर कक्ष में लाया जाता है। कभी-कभी गंभीर मरीजाें को एक्सरे कराने के लिए ओपीडी बंद रहने या अवकाश के चलते इंतजार करना पड़ जाता है। जिला अस्पताल मेडिकल कॉलेज से संबद्ध होने पर अस्पताल को पोर्टेबल एक्सरे मशीन प्राप्त हुई है।
इसका जल्द ही संचालन शुरू कर दिया जाएगा। पोर्टेबल एक्सरे मशीन चालू होने के बाद काम का दबाव काफी कम होगा। इसे गंभीर रूप से घायल अथवा चलने-फिरने में असमर्थ मरीजों के बेड तक ले जाकर एक्सरे किया जा सकेगा। वहीं, आपातकालीन स्थिति में यह सेवा 24 घंटे उपलब्ध रहेगी।
जिला अस्पताल को पोर्टेबल एक्सरे मशीन प्राप्त हो गई हैं। मशीन के संचालन से गंभीर मरीजों को एक्सरे की सुविधा बेड पर मिल सकेगी। गंभीर मरीजों को ओपीडी खुलने का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। - डॉ. रोहित वार्ष्णेय, नोडल अधिकारी, मेडिकल कॉलेज