अब मृतक किसानों के वारिसों को भी मिलेगी किसान सम्मान निधि
बुलंदशहर। अब मृतक किसानों के वारिसों को भी प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का लाभ मिल सकेगा। उन्हें इसके लिए विभाग द्वारा निर्धारित प्रक्रिया का अनुपालन करना होगा। किसान की मौत की सूचना बैंक के साथ कृषि विभाग को देनी होगी। संबंधित भूमि को तहसील के अभिलेखों में दर्ज कराना होगा। इसके बाद बैंक खाता, आधार और खतौनी की प्रति विभाग को उपलब्ध करवानी होगी।
जनपद में अब तक प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का लाभ लगभग 3.50 लाख किसान पा रहे हैं। योजना से वंचित किसानों को इसका लाभ देने के लिए कृषि विभाग की ओर से प्रक्रिया भी जारी है। सम्मान निधि पाने वालेे जिन किसानों की मौत हो गई है। उनके संबंधित वारिसों को अब सम्मान निधि दी जाएगी। यह आदेश सरकार की ओर से जारी किए गए हैं। इस प्रक्रिया को अपनाने के लिए सावधानी बरतनी आवश्यक है। मसलन तहसील में अभिलेखों में नाम दर्ज कराने के दौरान किसान को यह ध्यान रखना होगा कि आधार से अंकित नाम और खतौनी में अंकित नाम एक जैसा होना चाहिए। बैंक खाता नंबर भी नाम से मैच करना चाहिए। अन्यथा की स्थिति में सम्मान निधि पाने में दिक्कत आ सकती है। कृषि विभाग के अधिकारियों ने किसानों से यह अपील की है कि सम्मान निधि पाने वाले किसान की यदि मौत होती है तो वह मृत्यु प्रमाणपत्र के साथ इसकी सूचना बैंक को देगा, जिससे बैंक सम्मान निधि को संबंधित खाते में वापस कर सके। विभाग को सूचना दी जानी है, ताकि उस नाम को ऑनलाइन डाटा से हटाया जा सके। साथ ही संबंधित मृतक किसान के वारिस किसान को सम्मान निधि प्रदान करने संबंधी कार्रवई की जा सके। बता दें कि जब से किसान सम्मान निधि योजना शुरू हुई तब से लेकर अब तक मृतक किसान के वारिस सम्मान निधि पाने के लिए कार्यालयों के चक्कर लगा रहे थे। लेकिन अब शासन के इस आदेश के बाद मृतक किसानाें के वारिसों को सम्मान निधि का लाभ मिलेगा।
निर्धारित प्रक्रिया का पालन करते हुए समय से अभिलेख उपलब्ध करा दें, ताकि सम्मान निधि का लाभ देने के लिए ऑनलाइन डाटा कृषि निदेशक को भेजा जा सके।
- आरपी चौधरी, उप कृषि निदेशक, बुलंदशहर