केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के निर्देश के क्रम में गंगा को प्रत्यक्ष या परोक्ष रुप से प्रदूषित करने वाली 11 औद्योगिक इकाइयों को नोटिस जारी किया गया है। इकाइयों के दूषित पानी को ट्रीट करने की हिदायत प्रबंधकों को दी गई हैं।
नमामि गंगे मिशन के तहत पिछले दिनों केंद्र सरकार ने केंद्रीय और राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को अपने अपने कार्य क्षेत्रों में गंगा को दूषित करने वाली औद्योगिक इकाइयों को चिन्हित करने का आदेश दिया था।
इसी क्रम में क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अफसरों ने स्याना की दुग्ध इकाइयों, अनूपशहर की सहकारी शुगर मिल समेत 11 औद्योगिक इकाइयों को चिन्हित किया था।
केंद्र को रिपोर्ट भेजने के बाद अब गंगा को प्रदूषित करने वाली औद्योगिक इकाइयों को नोटिस भेजे गए हैं। हालांकि दावा किया गया है कि अधिकांश औद्योगिक इकाइयों में मशीनों से निकले वाले दूषित जल को शोधित करने की व्यवस्था कर ली गई है।
प्रदूषण बोर्ड के साथ जिला प्रशासन ने तल्ख शब्दों में प्रबंधकों को सफाई के परिप्रेक्ष्य में हिदायत दिए हैं। बता दें कि अनूपशहर शुगर मिल का मामला एनजीटी में भी विचाराधीन है।