प्रसव के बाद मां से दूर नहीं होंगे नवजात, सामने होगा इलाज
बुलंदशहर। प्रसव के बाद गंभीर नवजातों के इलाज के दौरान अब मां साथ रहेगी। मैटरनिटी विंग में जल्द ही मदर एंड नियोनेटल केयर यूनिट (एमएनसीयू) शुरू होने जा रहा है। एमएनसीयू के वॉर्मर बेड पर मां अपने शिशु की देखभाल करेगी। 12 बेड के इस वार्ड को इसी माह संचालित करने का प्रयास किया जा रहा है। इसके संचालित होने से नवजात और मां को इलाज के लिए निजी अस्पतालों का सहारा नहीं लेना पड़ेगा और न ही आर्थिक बोझ पड़ेगा।
जिला महिला अस्पताल (मैटरनिटी विंग) में सिक न्यू बॉर्न केयर यूनिट (एसएनसीयू) काफी समय से संचालित है। प्रसव के बाद गंभीर नवजातों को यहां भर्ती कर उनका इलाज किया जाता है। एसएनसीयू में शिशुओं की मां को साथ रहने की अनुमति नहीं है। ऐसे में अभी तक गंभीर नवजात के इलाज के दौरान माताओं को अपने शिशुओं से दूर रहना पड़ता था। अब एक ही स्थान पर गंभीर बच्चा और जच्चा को भर्ती करके इलाज की सुविधा मिलेगी। इसके लिए एसएनसीयू के बराबर में ही एमएनसीयू स्थापित करने का काम तेज गति से चल रहा है। वहीं, एमएनसीयू के तैयार होने पर प्रसव के बाद गंभीर नवजातों को उनकी मां के साथ इस यूनिट में भर्ती करके सेहत पर नजर रखी जाएगी।
फोटोथेरेपी, वॉर्मर और ऑक्सीजन की मिलेगी सुविधा
एमएनसीयू में इलाज के लिए सभी सुविधाएं होंगी। नवजातों के इलाज के लिए फोटोथेरेपी, वॉर्मर और ऑक्सीजन कूलिंग मशीन आदि की सुविधा उपलब्ध होगी। बाल रोग विशेषज्ञ के साथ ही जरूरत पड़ने पर स्त्री रोग विशेषज्ञ व अन्य स्टाफ भी 24 घंटे जच्चा-बच्चा की सेहत पर नजर रखेंगे। एमएनसीयू में बच्चों को उसकी मां से अलग नहीं करना पड़ेगा। नवजात मां के साथ वार्मर बेड पर रहेगा।
एसएनसीयू में अब तक सात हजार से अधिक शिशुओं का हो चुका इलाज
महिला अस्पताल में संचालित सिक न्यू बॉर्न केयर यूनिट (एसएनसीयू) में अब तक गंभीर रूप से बीमार सात हजार से अधिक नवजातों का इलाज हो चुका है। इस यूनिट के खुलने से पहले आए दिन दो-तीन नवजात प्रसव के बाद ही दम तोड़ देते थे, लेकिन अब यह संख्या महीने में न के बराबर हो गई है। एक अप्रैल 2016 से 14 दिसंबर 2021 तक एसएनसीयू में 7101 नवजात भर्ती किए गए। इसमें 4310 बालक तो 2791 बालिका शामिल रही। वहीं, इस वर्ष एक अप्रैल 2021 से 14 दिसंबर 2021 तक 584 नवजात भर्ती किए गए। इसमें 307 बालक तो 277 बालिका शामिल रही।
माह के अंत तक शुरू होगा संचालन
मैटरनिटी विंग में संचालित महिला अस्पताल में एसएनसीयू पहले से ही संचालित है। इसी माह में एमएनसीयू को शुरू करने की योजना है। जच्चा-बच्चा के इलाज के लिए इसमें सभी सुविधाएं होंगी। मां अपने शिशु के साथ एमएनसीयू में रह सकेगी।
- डॉ. विनय कुमार सिंह, सीएमओ