पहासू में बिजली के बिलों को बुलंदशहर और खुर्जा की तरह ही डिलीट किया गया है। एक ही तरीके से इन बिलों को डिलीट करने से इसमें बुलंदशहर के कई फ्रेंचाइजीकर्मियों की भूमिका भी संदेह के घेरे में है।
सूत्रों द्वारा बताया जा रहा है कि बुलंदशहर में बिल डिलीट के बाद जिन फ्रेंचाइजीकर्मियों पर एफआईआर दर्ज की गई थी, वह एक साल से पहासू और अन्य नगरीय क्षेत्रों में बिलिंग का काम कर रहे हैं।
एसटीएफ की जांच में पहासू में 20 लाख रुपये के बिजली बिल डिलीट करने का मामला सामने आने के बाद विभाग में भगदड़ मची हुई है। जांच के घेरे में आए बाबू और फ्रेंचाइजीकर्मी अपना तबादला करा चुके हैं।
एक्सईएन की जांच में यह सामने आया है।बता दें कि खुर्जा खंड के पहासू में करीब 20 लाख रुपये के बिजली बिल डिलीट होने का मामला सामने आया था।
मामला खुलते ही कारपोरेशन अफसरों में हड़कंप मच गया। अधीक्षण अभियंता ने आनन-फानन में एक्सईएन टेस्ट को पूरे मामले की जांच सौंपी। एक्सईएन टेस्ट ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
प्राथमिक जांच में सामने आया है कि पिछले साल बिजली बिल डिलीट का खेल खेलने के बाद कुछ बाबू और फ्रेंचाइजीकर्मी तबादला कराके भाग खड़े हुए हैं।
जांच में सामने आ रहा है कि बिलों का यह फर्जीवाड़ा इन्हीं के स्तर से किया गया है। एक्सईएन टेस्ट ने पहासू टाउन के सभी बिलों का रिकॉर्ड भी एसडीओ दफ्तर से तलब किया है।