फूड सेफ्टी विभाग की जांच में ज्यादातर खाद्य पदार्थों में मिलावट मिली है। दूध और सरसों का तेल तो अनसेफ मिले हैं, यानि इनका प्रयोग सेहत के लिए घातक है। माफिया डिटरजेंट (कपड़े धोने का पाउडर) मिलाकर दूध सप्लाई कर रहे थे। धनिया और मैदा के सैंपल भी जांच में फेल मिले हैं। दूध के सभी सात सैंपल मानकों पर फेल हैं। इससे अफसरों में हड़कंप मच गया है।
पिछले सप्ताह ही स्याना स्टैंड स्थित न्यू भारत डेयरी के दूध में डिटरजेंट पाउडर की मिलावट पाई गई थी। दिल्ली एनसीआर में मिलावटी दूध की सप्लाई यहां से की जाती थी। अब खुर्जा क्षेत्र से दूध के टैंकर से लिया गया सैंपल जांच में फेल हो गया है।
इसमें डिटरजेंट पाउडर की मिलावट मिली है। अफसरों के अनुसार होली पर्व के दौरान फूड सेफ्टी विभाग ने मिल्क टैंकर को हाईवे पर रोककर दूध का सैंपल लिया था। टैंकर एनसीआर में दूध सप्लाई करने जा रहा था। प्रयोगशाला की जांच मेें इसमें डिटरजेंट पाया गया है। यह अनसेफ की श्रेणी का है, यानि इसका प्रयोग नहीं किया जा सकता है।
इसके साथ ही सरसों के तेल में सिंथेटिक रंग की मिलावट मिली है। वाटर कलर श्रेणी के इस रंग का प्रयोग सरसों के तेल को नेचुरल कलर देने के लिए किया गया था। मैदा में कीड़े पाए गए हैं, यह अनसेफ की श्रेणी में आता है। दूध, सरसों का तेल और मैदा के तीनों सैंपल जानलेवा(अनसेफ) हैं। दूध के अन्य सात सैंपल भी जांच में फेल हो गए हैं।
इनमें आरिजनल चिकनाई की मात्रा कम मिली है। गुलावठी की भगवती फर्म का सरसों का तेल मिस ब्रांड निकला है। धनिया शुद्धता की कसौटी पर खरा नहीं उतरा। बेसन के दो और मैदा का एक नमूना अधोमानक पाया गया है। कुल मिलाकर खाद्य सामग्री के 25 नमूनों की रिपोर्ट प्राप्त हुई हैं।
जिनमें दूध, बेसन, तेल और मैदा के 12 नमूने अधोमानक और मिस ब्रांड की श्रेणी में रखे गए हैं। सरसों का तेल, दूध और मैदा का एक एक नमूना अनसेफ पाया गया है। इससे लोगों की सेहत पर खतरा मंडरा रहा है। अफसरों में हड़कंप मचा है। सिटी मजिस्ट्रेट हिमांशु गौतम ने खाद्य पदार्थों के सैंपल लेकर जांच कराने को अभियान चलाने के आदेश दिए हैं।
डिटरजेंट और वाटर कलर का शरीर में जाना बेहद घातक है। इससे कैंसर, हार्ट फेल्योर, अन-मेच्योर डिलीवरी और आंत-लीवर के गंभीर रोग हो जाते हैं। ऐसे खाद्य पदार्थों को प्रयोग से दूर रखना बेहद जरूरी है।
25 खाद्य सामग्री के नमूनों की रिपोर्ट प्राप्त हुई हैं। जिनमें दूध, मैदा और सरसों के तेल को अनसेफ घोषित किया गया है। दूध में डिटरजेंट,मैदा में कीड़ा और सरसों के तेल में सिंथेटिक रंग पाया गया है, बाकी 12 नमूने मिस ब्रांड और अधोमानक निकले हैं। मिलावटखोरों को नोटिस भेजने की तैयारी शुरू कर दी गई है।
रणधीर सिंह
डीओ, बुलंदशहर
सिटी मजिस्ट्रेट को अभियान चलाने का आदेश दे दिया है। मिलावटखोरों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। अनसेफ मामलों को सिविल कोर्ट और बाकी नमूनों का वाद एडीएम प्रशासन की कोर्ट में दायर किया जाएगा। सैंपलिंग अभियान की मैं खुद मानिटरिंग करूंगी। शुभ्रा सक्सेना डीएम बुलंदशहर
ब्रेड का नमूना भी फेल
गत् वर्ष बेकरी उत्पाद का एक नमूना शुद्धता के पैमाने पर खरा नहीं उतरा। बेकरी उत्पाद में हानिकारक तत्व पाए गए थे।
ब्रेड के सेवन से डरे उपभोक्ता
ब्रेड में कैंसर पैदा करने वाले हानिकारक रासायनिक तत्व मिलने से उपभोक्ता डरे हुए हैं। गृहणियों ने ब्रेड के सेवन से तौबा कर लिया है। बता दें कि शहर में ब्रेड का इस्तेमाल अधिकांश परिवार नाश्ते में करते हैं। बाजार में ब्रेड से निर्मित फूड्स आइटम खूब बेचे जाते हैं।
ब्रेड को हम रोटी के सामन मानमते आए हैं। ब्रेड में यदि कैंसर पैदा करने वाले तत्व सामने आए हैं तो यह ग्राहकों से धोखा है। हम ब्रेड से तौबा करेंगे।
शालू वशिष्ठ, ग्रहणी
ब्रेड पेट भरने का सस्ता और सुलभ स्रोत रहा है। कंपनियों ने लोगों की सादगी का फायदा उठाकर उनको बीमारियां बाटी हैं। इस संबंध में सरकारों को भी सोचना चाहिए था। घर में अब ब्रेड नहीं लाएगे।
कविता रानी, ग्रहणी