ऊंचागांव। चिकित्सालय पर मरीजों को वितरित करने के लिए आई दवाओं को वितरण करने की जगह आग के हवाले किया जा रहा है। बृहस्पतिवार को सीएचसी परिसर में अक्तूबर माह में एक्सपायर होने वाली दवा कूड़े के ढेर में जलती मिली। जबकि मरीजों से कुछ दवाएं बाहर से भी मंगवाई जा रही हैं। वहीं, एक मरीज ने इसकी शिकायत मुख्यमंत्री पोर्टल पर की है।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर शासन स्तर से प्रतिवर्ष लाखों रुपये की दवाएं कारपोरेशन से आती हैं। इसके बावजूद मरीजों को दवाएं वितरित न करने की समय-समय पर शिकायत मिलती रहती है। बृहस्पतिवार को सीएचसी परिसर में पीएचसी की पुराने भवन के पास दवाएं जलाए जाने पर एक मरीज ने इसकी सूचना मीडियाकर्मियों को दी। सूचना मिलने पर मौके पर जाकर देखा तो दवाइयां जलती पाई गईं। इसमें कुछ अधजली रह गईं। इनमें अधिकांश दवाएं विटामिन एवं अन्य पोषक तत्व की थी। इन पर एक्सपायर होने की तिथि अक्तूबर 2023 अंकित था। लेकिन जिम्मेदारों ने कूडे के ढेर में फेंक कर आग के हवाले कर दिया।
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सीएचसी में भर्ती रिंकी के पति मेहर सिंह ने बताया कि पत्नी बुखार से पीड़ित होने पर भर्ती हैं। चिकित्सक समय-समय पर बाहर की दवा लिख देते हैं। जिसे मजबूरन लेकर आना पड़ता है। उधर, सीएचसी प्रभारी डाॅ. शलभ भारती से बात करने का प्रयास किया, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया।
सीएमओ डॉ. विनय कुमार सिंह ने बताया कि दवा जलने की अभी कोई सूचना नहीं मिली है। यदि एक्सपायर होने से पूर्व दवाओं को जलाया गया है तो जांच कर कार्रवाई की जाएगी।