जनपद में हो रही जबरदस्त बिजली कटौती ने जिंदगी को भी संकट में डाल दिया है। भीषण गर्मी में बढ़ी बिजली कटौती से जीवनरक्षक दवाओं पर खतरा मंडरा रहा है। स्वास्थ्य विभाग को मिशन इंद्रधनुष अभियान के साथ पोलियो सप्ताह में अस्पतालों की कोल्ड चेन को चलाना मुश्किल हो रहा है।
पूरे जनपद में बिजली आपूर्ति चरमराई हुई है। जिला अस्पताल व महिला अस्पताल को छोड़ अन्य किसी अस्पताल में बिजली की नियमित सप्लाई नहीं है। इससे अस्पतालों में कोल्ड चेन चलाना मुश्किल हो गया है। मिशन इंद्रधनुष में टीकाकरण के साथ पोलिया सप्ताह चल रहा है, लेकिन वैक्सीन सुरक्षित रखने में अफसरों को कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर और बुरे हालात हैं। अस्पतालों में जेनरेटरों के लिए रोगी कल्याण समिति से बजट दिया जाता है। मामूली बजट होने से लंबे वक्त तक जेनरेटरों को चला पाना मुश्किल है। सीएचसी और पीएचसी पर आठ से 10 घंटे सप्लाई हो रही है। ऐसे में कोल्ड चैन चला पाना मुश्किल है।
सीएचसी-पीएचसी पर नहीं है रैबीज इंजेक्शन
बिजली कटौती के कारण सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर कोल्ड चैन का संचालन नहीं हो पा रहा है। इसी के चलते रैबीज के इंजेक्शन की उपलब्धता नहीं हो पा रही है।
दवाओं को सुरक्षित रखने को आइस फैक्ट्रियां सहारा
जीवन रक्षक दवाओं को सुरक्षित रखने के लिए अफसरों को आइस फैक्ट्रियों का सहारा लेना पड़ रहा है। स्वास्थ्य विभाग के अफसर टीकाकरण, रैबीज, पोलियो और अन्य जीवन रक्षक दवाओं के वैक्सीन आइस फैक्ट्रियों में सुरक्षित रखवाते हैं।
बिजली की डिमांड बढ़ने से कटौती बढ़ गई है। शेड्यूल के तहत आपूर्ति सुनिश्चित करने के प्रयास जारी हैं।- राकेश कुशवाहा, अधीक्षण अभियंता
बिजली कटौती के चलते सीएचसी और पीएचसी पर कोल्ड चैन संचालित करना मुश्किल हो रहा है। जनरेटर चलाकर कोल्ड चैन संचालित की जा रही हैं, ताकि जीवनरक्षक दवाएं सुरक्षित रखी जा सकें। जबरदस्त कटौती ने सारा हिसाब गड़बड़ा दिया है। - डॉ. दीपक ओहरी, सीएमओ