जमीन के विवाद में उपजी रंजिश के चलते तीन साल पहले हुई युवक की हत्या के आरोपी को कोर्ट ने मंगलवार को दोषी करार दिया है। कोर्ट ने हत्यारे को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही अभियुक्त पर 25 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है। यह निर्णय अपर जिला व सत्र न्यायाधीश नवम सपना त्रिपाठी की कोर्ट ने दिया है।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी रेखा दीक्षित ने बताया कि वादी प्रदीप कुमार पुत्र ऊधम सिंह निवासी शेखपुर सैदपुर ने 27 मार्च 2013 को थाना सिकंदराबाद में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जिसमें उसने बताया था कि वारदात से कुछ दिन पहले वह अपने भाई रिंकू, चाचा शिवकुमार खेत से आ रहे थे। रास्ते में गांव से पहले हमें सुरेम, दानवीर मिले। वे लोग चाचा शिवकुमार से जमीनी विवाद में गाली-गलौच करने लगे।
इतने में ही प्रदीप के पिता ऊधम सिंह आ गए। ऊधम सिंह व रिंकू ने समझाकर सुरेम व दानवीर को भेज दिया था। अगले दिन शाम सात बजकर 30 मिनट पर रिंकू सुरेम के मकान के सामने से निकला। तब सुरेम व दानवीर ने रिंकू के सिर में गोली मार दी। उसकी मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस ने विवेचना के बाद आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में पेश की। तमाम गवाहों, बयानों और साक्ष्यों का अवलोकन कर न्यायाधीश ने दानवीर पुत्र सुरेम को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
साथ ही 25 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया। मुल्जिम के अधिवक्ता संतोष कुमार राघव ने बताया कि न्यायाधीश ने साक्ष्य के अभाव में संदेह का लाभ देकर बरी कर दिया। उन्होंने बताया कि वह इस फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील करेंगे।