विकास भवन में सुबह 9.10 बजे तक बंद पड़े अफसरों के कार्यालय।
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पहले ही दिन 9 से 11 बजे तक दफ्तर में बैठकर जन सुनवाई संबंधी शासनादेश अफसर व कर्मचारियों ने हवा में उड़ा दिया। सीडीओ को निरीक्षण के दौरान विकास भवन के सभी दफ्तरों में 10 बजे तक ताला लटका दिखा। अफसर व कर्मचारी सभी गायब मिले।
वहीं निरीक्षण में डीएम को चकबंदी दफ्तर जरूर खुला मिला। दफ्तर में चपरासी तो मिला, लेकिन साहब गैर हाजिर थे। डीएम आंजनेय कुमार सिंह सुबह नौ बजे दफ्तर पहुंचे और जन सुनवाई की। डीएम ने कलक्ट्रेट के बाकी दफ्तरों का भी जायजा लिया। एडीएम वित्त एवं राजस्व बृजेश कुमार दफ्तर में जन सुनवाई करते मिले।
एडीएम प्रशासन अरविंद कुमार मिश्र दफ्तर में नहीं थे। बताया गया कि वह सरकारी काम से बाहर हैं। डीएम चकबंदी दफ्तर पहुंचे। दफ्तर में अधिकारी कर्मचारी नहीं थे, हालांकि चपरासी मिला। वहीं, सीडीओ जसजीत कौर ने सुबह नौ बजे विकास भवन में निरीक्षण किया। उनको एक भी अधिकारी कर्मचारी दफ्तर में नहीं मिला।
सुबह 10 बजे तक दफ्तरों में ताले पडे़ रहे। कर्मचारी अधिकारी 10 बजे के बाद पहुंचना शुरू हुए। यही हाल श्रम विभाग, जिला सेवा योजन कार्यालय, आपूर्ति विभाग, बीएसए और डीआईओएस आदि कार्यालय का रहा।
सीडीओ जसजीत कौर ने बताया कि समय से दफ्तर नही पहुंचने वाले अफसर कर्मचारियों से स्पष्टीकरण मांगा गया है। पहला दिन था इसलिए कठोर कार्रवाई नहीं की गई।