गत एक मई को गौतमबुद्धनगर के बीटा-टू क्षेत्र में एक ढाबा संचालक के 15 वर्षीय पुत्र कुणाल को उसके ढाबे से अगवा कर लिया गया था। अपहरणकर्ता एक कार में आए थे और कुणाल को युवती की मदद से ढाबे से बाहर बुलाने के बाद घटना को अंजाम दिया गया। सीसीटीवी फुटेज से अपहरण का खुलासा होने के बावजूद गौतमबुद्धनगर पुलिस आरोपियों तक नहीं पहुंच सकी और आरोपियों ने बच्चे की हत्या कर दी। उस दौरान पुलिस कुणाल के खुद ही कार सवारों के साथ जाने की बात पर अड़ी रही।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पता चला कि कुणाल की हत्या को उसके अपहरण के करीब दो दिन बाद अंजाम दिया गया था। सिर पर वार कर हत्या को अंजाम दिया गया। रविवार दोपहर कुणाल के शव का पोस्टमार्टम हुआ था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में करीब 48 घंटे पहले मौत होना बताया गया है। यानि अनुमानित समय लगाया जाए तो उसकी हत्या तीन मई की दोपहर या उससे पहले अंजाम दी गई। हालांकि पुलिस अधिकारी इस पर चुप्पी साधे हुए हैं। एसएसपी श्लोक कुमार का कहना है कि गौतमबुद्धनगर पुलिस द्वारा ही मामले की जांच की जा रही है।