जिले में राशन माफियाओं ने गोदाम से तीन हजार क्विंटल से अधिक राशन बेच दिया। बताया जा रहा है कि राशन डीलरों के फर्जी हस्ताक्षर कर राशन बेचा गया है। राशन डीलरों की शिकायत पर मामले में एसडीएम सदर ने जांच शुरू कर दी है। जबकि एफसीआई व खाद्य विभाग के अधिकारी मामले को दबाने में जुटे हैं।
एफसीआई के नई मंडी स्थित गोदाम से राशन डीलरों के फर्जी हस्ताक्षर से राशन निकालने का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि राशन डीलरों के माल को छोटे वाहनों से पहुंचाने वाले एक राशन माफिया ने बाहरी व्यक्ति की मदद से राशन खरीदकर दिल्ली, नोएडा में बेच दिया। जब राशन न बंटने की शिकायत अधिकारियों तक पहुंची तो राशन डीलरों से जवाब तलब किया।
राशन डीलरों ने एसडीएम सदर को शिकायत देकर बताया कि उनके पास पर्याप्त मात्रा में राशन नहीं पहुंचाया गया। बड़ी मात्रा में राशन को बाजार में बेच दिया गया। जिस कारण वह राशन नहीं बांट सके हैं। राशन डीलरों ने एसडीएम सदर को मामले में शिकायत दी तो एफसीआई के अधिकारियों में हड़कंप मच गया। जिसके बाद अब एफसीआई के अधिकारी निजी स्तर पर राशन खरीदकर माल की पूर्ति करने में लगे हैं।
वहीं, राशन डीलरों को पर्याप्त माल न पहुंचने की शिकायत पर खाद्य विभाग के अधिकारियों ने चुप्पी साध ली है और कुछ भी कहने से इनकार कर दिया है। एक राशन डीलर ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि पिछले कई माह से उन्हें कम राशन दिया जा रहा था। जिसके चलते सभी कार्ड धारकों को राशन बांटने में परेशानी हो रही थी। जब एसडीएम से मामले में शिकायत की गई तो कई विभागीय अधिकारियों ने शिकायत वापस लेने के लिए दबाव बनाया।
निजी व्यक्ति के माध्यम से हो रही कालाबाजारी
बताया जा रहा है कि एफसीआई के एक अधिकारी ने निजी व्यक्ति को काम पर रखा है। अधिकारी के स्थान पर उक्त व्यक्ति राशन डीलरों का माल बाहर निकलाता है। इस दौरान राशन माफिया एफसीआई अधिकारियों के साथ पुलिस और मंडी के अधिकारियों से मिलीभगत के कारण खुलेआम कालाबाजारी के लिए राशन अपने वाहनों से ले जाता है।
मामले में राशन डीलरों ने मुझे शिकायत दी है। शिकायत के आधार पर जांच की जा रही है। कुछ दस्तावेज जांच के लिए मांगे गए हैं। जल्द ही जांच कर आगे की कार्रवाई की जाएगी। - डॉ. दिव्या मिश्रा, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट व एसडीएम सदर। राशन गबन की जानकारी नहीं है। लगाए गए आरोप निराधार हैं। गोदाम में माल का स्टॉक पूरा है।
- सुधीर कुमार, एसएमआई।