कुणाल हत्याकांड : आरोपी पक्ष के एक ही परिवार के पांच को भेजा जेल
अनूपशहर। कुणाल के अपहरण और हत्या के मामले में पुलिस ने तहरीर के आधार पर एक ही परिवार के पांच लोगों को नामजद किया था। जिन्हें रविवार को पुलिस ने गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। वहीं, रविवार देर रात को कुणाल का अनूपशहर स्थित मस्तराम गंगा घाट पर गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार किया गया।
19 जुलाई की शाम गांव अंबा निवासी सात वर्षीय कुणाल पुत्र मनोज कुमार संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गया था। काफी खोजबीन के बाद भी उसका कहीं कोई सुराग नहीं लग सका था। परिजनों ने उस दौरान गांव निवासी पीएसी से सेवानिवृत्त धर्म सिंह, उनकी पत्नी और बड़े पुत्र पर कुणाल के अपहरण व अनहोनी की आशंका जताई थी। पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर जंाच पड़ताल की, लेकिन कोई सुराग नहीं लगा था। वहीं, गत शनिवार को रामघाट थाना क्षेत्र से गुजर रही अनूपशहर ब्रांच नहर में एक बालक का शव मिला था। पुलिस ने आशंका होने पर कुणाल के परिजनों को शिनाख्त के लिए बुलाया था। लेकिन, परिजनों ने शनिवार को शिनाख्त नहीं की, लेकिन रविवार को कपड़ों के आधार पर मृतक बालक की शिनाख्त अपने पुत्र कुणाल के रूप में की थी। देर रात ही कुणाल का शव पोस्टमार्टम के बाद गांव पहुंचा और मस्तराम घाट पर उसका गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार किया गया। साथ ही परिजनों ने धर्म सिंह के दो नाबालिग बच्चों के खिलाफ भी मामले में रविवार को तहरीर दी थी। पुलिस ने उक्त दोनों को भी मामले में नामजद करते हुए गिरफ्तार कर लिया है। साथ ही उक्त दोनों को बाल संप्रेक्षण गृह व अन्य आरोपियों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
पुलिस में तैनात धर्म सिंह के पुत्र ने की थी आत्महत्या
धर्म सिंह का एक पुत्र अंकुर मुरादाबाद में कांस्टेबल के पद पर तैनात था। गत वर्ष उसने मुरादाबाद में ही फंदे से लटककर आत्महत्या कर ली थी। सूत्रों की मानें तो मृतक अंकुर का एक युवती से प्रेम प्रसंग था, उक्त युवती कुणाल पक्ष की एक रिश्तेदार बताई जा रही है। कुणाल के परिजनों का भी आरोप है कि धर्म सिंह अपने बेटे की मौत के बाद से उनके परिवार से रंजिश मानते थे।
तीन नामजद आरोपियों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। जबकि, दो नामजद आरोपी नाबालिग हैं, उन्हें बाल संप्रेक्षण गृह भेजा गया है। मामले की गहनता से जांच पड़ताल की जा रही है। घटनाक्रम का भी जल्द ही राजफाश कर दिया जाएगा। - संतोष कुमार सिंह, एसएसपी