नगर पालिका परिसर में पालिका कर्मियों से हुई मारपीट के मामले में आरोपियों पर कार्रवाई करने की बजाय पुलिस ने थाने में सुलह करा दिया। इस मामले में ईओ ने तहरीर दी थी लेकिन पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की। इसके चलते पुलिस के रवैये के खिलाफ पालिका कर्मचारियों में रोष है।
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नगर पालिका ईओ ने पुलिस को बताया कि पालिका कर्मचारी आसिफ, सत्यपाल सिंह अय्याज, अशरफ और अमजद की ड्यूटी पालिका स्टैंड पर वसूली के लिए लगाई गई थी। 24 मई की दोपहर दोनों वसूली की धनराशि जमा करने के लिए पालिका कर्मी कार्यालय में आए हुए थे।
उसी समय मुल्ला फारुख, तौसिफ निवासी मोहल्ला मिर्दगान आए। दोनों पर आरोप है कि उन्होंने पालिका कर्मचारी आसिफ की पिटाई कर दी। इसके बाद मुल्ला फारूख ने आरोपों को गलत बताकर पालिका कर्मचारियों के खिलाफ तहरीर दी। पुलिस दो दिन तक मामले को दबाए रखी।
शनिवार दोपहर पालिका कर्मचारी कोतवाली पहुंचे और कार्रवाई की मांग की। दो दिन तक नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी की तहरीर को तबज्जो न देने वाली पुलिस ने दोनों पक्षों का फैसला करा दिया। पुलिस के ढीले रवैये को देखते हुए पालिका कर्मचारियों में काफी आक्रोष है।
नगर कोतवाल आरके शर्मा ने बताया कि दोनों पक्षों का समझौता हो गया है। दोनों ने लिखित में समझौतानामा दे दिया है। दोनों पक्षों को भविष्य में झगड़ा न करने की चेतावनी दी है।