एक बार फिर जिला प्रशासन ने जिले को आदर्श जनपद की पटरी पर दौड़ाने के लिए तैयारी शुरू कर दी है। इसके अंतर्गत सबसे पहले जनपद में वायु और जल प्रदूषण को कम करने के लिए जिला स्तरीय प्लान बनाया गया है।गंगा और काली नदी में नालों का गंदा पानी रोकने के साथ उद्योगों-अस्पतालों के अपशिष्ट और फसलों के अवशेष का प्रबंधन किया जाएगा।
डीएम के नेतृत्व में प्रदूषण नियंत्रण विभाग, नगर पालिका, जल निगम, कृषि, स्वास्थ्य, जिला पंचायत राज विभाग आदि के अफसरों ने बुलंदशहर को आदर्श जनपद बनाने के लिए जिला स्तरीय प्लान बनाया गया है। प्लान के तहत शहरी क्षेत्रों में स्थापित उद्योगों के प्रदूषण युक्त पानी को गंगा और काली नदी में जाने से रोका जाएगा।
इसके अलावा गंगा और काली नदी में गिर रहे नालों के गंदे पानी की भी रोकथाम की जाएगी। नगराें के ठोस अपशिष्ट को डिस्पोज करने के लिए डंपिंग ग्राउंड चिह्नित किए जाएंगे। सड़क किनारे कूड़ा जलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
फसल अवशेष प्रबंधन के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में फसलों के अवशेष को खेतों में जलाने वाले किसानों के खिलाफ जुर्माना की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
जिला स्तरीय प्लान की कमेटीः जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जिला प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी, नगर पालिका ईओ, जल निगम के एक्सईएन, उपनिदेशक कृषि प्रसार, जिला कृषि अधिकारी, मुख्य चिकित्साधिकारी, जिला पंचायत राज अधिकारी जिला स्तरीय प्लान कमेटी में रहेंगे।
गंगा में नहीं जाएगा गांवों का पानीः जनपद में गंगा किनारे बसे 32 गांवों को पूर्ण रूप से ओडीएफ कर दिया गया है। गांव का पानी गंगा में नहीं जाने दिया जाएगा। गांव का पानी गांव में ही समायोजित किया जाएगा। इसकी व्यवस्था भी कर ली गई है। शासन का दावा है कि इन सभी गांव में शौचालय निर्माण का काम भी पूरा कर लिया गया है।
यातायात पर होगा कामः आदर्श जनपद बनाने के जिला स्तरीय प्लान के तहत वायु-जल प्रदूषण पर काम करने के बाद यातायात, अतिक्रमण के खिलाफ काम किया जाएगा। जिलास्तर पर स्वच्छता को लेकर भी व्यापक तौर पर काम किया जाएगा।