साहब ने जिन गांवों को ओडीएफ घोषित किया है उनकी हकीकत जानने के लिए क्रास चेकिंग कराई जाएगी। शासन ने ओडीएफ गांवों की क्रास चेकिंग का आदेश दे दिया है। डीपीआरओ राजेश कुमार सिंह ने बताया जनपद में 125 गांवों को खुले में शौच से मुक्त किया गया है। गंगा किनारे वाले तीस गांव भी ओडीएफ हो चुके हैं।
गांवों में हर एक उस परिवार के यहां शौचालय का निर्माण करवाया गया था, जो खुले में शौच के लिए जाते थे। सूत्रों क कहना है कि जो गांव ओडीएफ सूची में शामिल किए गए हैं। उनमें से कुछ गांवों में लोटा परेड अभी भी जारी है।
इसकी भनक आला अफसरों को है। इसको देखते हुए शासन ने समस्त ओडीएफ गांवों की क्रास चेकिंग का आदेश दिया है। क्रास चेकिंग के बाद तय होगा कि ओडीएफ गांव का सच क्या है।
हर माह मिलेगा ओडीएफ का लक्ष्य
भारत अभियान के तहत जिले में पंचायत राज विभाग को हर माह ओडीएफ का लक्ष्य दिया जाएगा। अभियान के तहत इसी साल जिले के सभी गांवों को ओडीएफ करना है। अब हर माह टारगेट के हिसाब से गांवों को ओडीएफ किया जाएगा। अब तक 125 गांवों को ओडीएफ किया गया है। इनकी भी क्रास चेकिंग होगी। इसी साल सभी गांवों को ओडीएफ करना है। - राजेश कुमार सिंह, डीपीआरओ, बुलंदशहर