पीएम मोदी ने जलालपुर के किसान से पूछा- सरसों का तेल कैसे बेचते हैं आप
बुलंदशहर। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को जिले के जलालपुर करीरा गांव निवासी किसान कुलवंत से ऑनलाइन संवाद किया। पीएम ने कुलवंत से पूछा कि वह सरसों से तेल बनाकर कैसे बेचते हैं। कुलवंत ने प्रक्रिया बताई तो पीएम ने उन्हें देशभर के किसानों के लिए प्रेरणा बताया।
प्रधानमंत्री मोदी से वर्चुअल संवाद के लिए कुलवंत को आईसीएआर दिल्ली में बुलाया गया था। शुरूआत में ही पीएम ने पूछा, कुलवंत जी क्या करते हैं आप। कुलवंत ने पीएम मोदी को बताया कि वह धान और गेहूं का बीज तैयार करने के साथ सरसों का तेल बनाकर बाजार में बेचते हैं। इसके लिए फार्मर प्रोड्यूस आर्गेनाइजेशन बनाया है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आपने सरसों के तेल के जरिए खेत से लेकर बाजार तक एक पूरी चेन विकसित की है। यह कठिन काम है। इसमें किसी की जरूरत पड़ी होगी। सरकारी पर आपका क्या अनुभव है। इस पर कुलवंत सिंह ने कहा कि इस कार्य में उन्हें सरकार के साथ केवीके से सहायता के साथ तकनीकी ज्ञान मिला है। मोदी ने कहा कि कुलवंत जी आप किसानों के लिए एक उदाहरण हैं कि एक फसल को तैयार कर उससे तेल बनाकर बाजार में बेच रहे हैं।
सपने में भी न सोचा था पीएम से बात होगी
कुलवंत सिंह प्रधानमंत्री से बातचीत कर काफी खुश हैं और उनका कहना है कि कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि एक दिन प्रधानमंत्री से बातचीत करने का मौका मिलेगा।
किसानों ने देखा प्रसारण
प्रधानमंत्री के संवाद कार्यक्रम को कृषि विज्ञान केंद्र में भी सीधे प्रसारण के माध्यम से देखा गया। इस दौरान 150 किसानों के अलावा केवीके के अध्यक्ष डॉ. लक्ष्मीकांत, डॉ. विवेकराज, डॉ. रीशू सिंह, रामानंद पटेल, पीएन पाल, शिव कुमार सिंह, सुनील कुमार यादव और पूरन सिंह चौहान आदि मौजूद रहे।
सेहत के लिए खास है कुलवंत के एफपीओ का तेल
बुलंदशहर। कुलवंत सिंह कम इरुसिक एसिड वाला सरसों का तेल तैयार करते हैं। अभी सरसों के तेल के लिए पांच एकड़ में फसल कर रहे हैं और रकबा बढ़ाने की तैयारी है।
कुलवंत सिंह ने वर्ष 2012 में जूपिटर द ग्रुप ऑफ प्रोसेसिंग फार्मर नाम से एक समूह बनाकर 20 किसानों को जोड़ा। सभी किसानों ने 100 एकड़ भूमि में गेहूं, धान, दलहन, तिलहन और सब्जी के बीज तैयार कर बाजार में बेचना शुरू किया। हाल में वैज्ञानिकाें द्वारा इजाद की गई पीएम-31 सरसों की फसल उगानी शुरू की। इसकी शुरूआत पांच एकड़ से की गई और इससे 50 क्विंटल सरसों लेकर उससे लो इरुसिक तत्व वाला तेल तैयार किया जाता है। इस तेल की कीमत बाजार में 300 रुपये किलो तक है। इससे अच्छी आमदनी होने लगी है। इसके चलते अब इस सरसों का रकबा बढ़ाकर अधिक से अधिक तेल बनाने की योजना है।
पूसा के लिए भी तैयार करते हैं बीज
किसान कुलवंत सिंह ने यह भी बताया कि हमारा समूह पूसा के लिए भी बीज तैयार करता है। इसके लिए पूसा के साथ समूह का करार है।