बुलंदशहर। ऊर्जा निगम के जेई की ओर से एक सप्ताह बाद भी सीयूजी नंबर वापस नहीं लिए गए हैं। जिसके चलते अब अधिकारियों ने टीजीटू को बिजलीघर का प्रभारी बनाए जाने के लिए एमडी से अनुमति मांगी है। साथ ही जिले में बिजली आपूर्ति को बेहतर बनाने के लिए शासन के निर्देश पर मुख्य अभियंता समेत अन्य अधिकारी फील्ड में आकर बिजली सप्लाई को सुचारू करने और उपभोक्ताओं की शिकायतों के निस्तारण के लिए निरीक्षण कर रहे हैं।
ऊर्जा निगम के अवर अभियंता (जेई) फेशियल अटेंडेंस के विरोध में एक सप्ताह से विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। अवर अभियंताओं की ओर से सीयूजी नंबर के सिम बंद करते हुए खंड कार्यालयों में जमा करा दिए हैं। ऐसे में उपभोक्ताओं को बिजली संबंधी समस्याओं के समाधान के लिए भटकने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
अब शासन के निर्देश पर उपभोक्ताओं की समस्याओं के समाधान और बिजली आपूर्ति को सुचारू रखने के लिए मुख्य अभियंता, अधीक्षण अभियंता व अधिशासी अभियंताओं ने बिजलीघरों का निरीक्षण शुरू कर दिया है। इसके अलावा अवर अभियंताओं के स्थान पर टीजीटू (टेक्नीकल ग्रेड टू) को बिजलीघर का प्रभारी बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके लिए मुख्य अभियंता की ओर से एमडी को पत्र लिखकर टीजीटू को प्रभारी बनाने की अनुमति मांगी गई है।
करीब पांच साल पहले टीजीटू को प्रभारी बनाने की प्रक्रिया को खत्म कर दिया गया था। अब बिजली सप्लाई की स्थिति को सुचारू रखने के लिए फिर से टीजीटू को प्रभारी बनाने के लिए कदम उठाया गया है। साथ ही तय किया गया है कि अवर अभियंताओं के काम पर लौटने के बाद भी केवल एक-एक बिजलीघर पर ही तैनात किया जाएगा।
वहीं जेई संघ के सचिव पवन कुमार ने बताया कि उच्चाधिकारी लगातार दबाव बना रहे हैं लेकिन मांगों पर सुनवाई नहीं की जा रही है। इससे जेई संघ में रोष व्याप्त है। ऊर्जा निगम के मुख्य अभियंता संजीव कुमार ने बताया कि टीजीटू को बिजलीघर प्रभारी बनाने के लिए एमडी से अनुमति मांगी है। अनुमति मिलने के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। जेई संघ के पदाधिकारियों को वार्ता के लिेए बुलाया था, लेकिन वह वार्ता के लिए आए नहीं।