जनपद के छह ब्लाकों में इस बार गर्मी में फिर से पानी की टेंशन रहेगी। दरअसल, छह विकास खंडों में भू-जल स्तर खतरनाक प्वाइंट पर जा पहुंचा है। हाकिमों ने जलस्तर को ऊपर उठाने के लिए प्लानिंग बनाकर शासन को भेजी, मगर हुक्मरानों ने हाकिमों की प्लानिंग पर एतबार नहीं किया। नतीजतन जल स्तर और भी नीचे पहुंच गया।
डार्क ब्लॉकोें में पानी का स्तर ऊपर उठाने के लिए 37 तालाबों की व्यवस्था सरकारी मशीनरी को करनी थी। लघु सिंचाई विभाग ने 15 तालाबों की कार्य योजना शासन के पास भेजी थी। शासन को भेजे गए तालाबों का क्षेत्रफल एक एक हेक्टेयर से अधिक था।
वहीं, डार्क ब्लॉक सिकंदराबाद, गुलावठी, खुर्जा, बीबीनगर, शिकारपुर और दानपुर मेें एक-एक हेक्टेयर से कम क्षेत्रफल वाले 22 तालाबों का निर्माण खंड विकास अधिकारियों को करना था। अब तक तालाबों पर काम ही शुरू नहीं हुआ है।
ऐसे में आने वाले दिनों पानी को लेकर स्थिति और भी भयावह हो सकती है। डार्क ब्लॉकों में सबमर्सिबल और पानी की बर्बादी ने टेंशन बढ़ा रखी है। दरअसल यहां घर- घर सबमर्सिबल लगे हैं। इससे बेहिसाब पानी का दोहन हो रहा है।