जिले में गुजरात की तर्ज पर बिजली थाना बनाया जाएगा। बिजली थाने में सिर्फ बिजली से संबंधित एफआईआर दर्ज होंगी। शासन ने पावर कारपोरेशन से बिजली चोरी के लंबित मामले और माहवार औसतन बिजली चोरी का रिकॉर्ड मांगा है।
पावर विजिलेंस की तरह बिजली थाना जिला मुख्यालय पर होगा। इसी थाने में जिलेभर से आने वाली बिजली चोरी की एफआईआर दर्ज होंगी। सामान्य पुलिस थानों में बिजली चोरों के सैकड़ों मामलों की जांच लंबित है।
देरी के पीेछे पुलिस तर्क देती है कि उसके पास काम इतना ज्यादा है कि बिजली चोरी में मामलों के लिए समय में नहीं बचता। समस्या से निपटने के लिए शासन ने बुलंदशहर समेत हर एक जिले में बिजली थाना खोलने की कवायद शुरू कर दी है।
इस संबंध में अधीक्षण अभियंता ओपी यादव शासन को बिजली चोरी की डिटेल भेजी जा रही है। बिजली का अलग थाना बनने से जांच में तेजी आएगी और एफआईआर भी आसानी से दर्ज हो जाएगी।