खुर्जा जंक्शन। रेलवे स्टेशन पर मंगलवार को एडीजी रेल जयनारायण सिंह ने निरीक्षण किया। इसके बाद उन्होंने सिंकदरपुर रेलवे स्टेशन का भी दौरा किया। छह और नौ दिसंबर की रात को हुई घटनाओं पर अधिकारियों से वार्ता की और सर्विलांस के माध्यम से गोपनीय जांच बढ़ाने के निर्देश दिए। कहा कि जल्द से जल्द पूरे प्रकरण का राजफाश करें।
बीते दिनों खुर्जा जंक्शन क्षेत्र में स्टेशन से करीब एक किलोमीटर पहले रेलवे लाइन पर डेढ़ मीटर टुकड़ा रखा था, जो शिवगंगा एक्सप्रेस से टकराया था। पुलिस इस मामले का राजफाश कर पाति उससे पूर्व ही नौ दिसंबर की रात को सिंकदरपुर रेलवे स्टेशन पर तीन मीटर लोहे का टुकड़ा रख दिया गया, जो झारखंड एक्सप्रेस से टकराया। दोनों ही मामले में चालक की सूझबूझ से बड़ा ट्रेन हादसा होने से बचा था। दोनों ही घटनाओं में आशंका को जोड़ते हुए अधिकरियों ने जांच भी शुरू कर दी है। मंगलवार को निरीक्षण करने पहुंचे एडीजी जय नारायण सिंह ने बताया कि प्रकरण में चोरी की घटना, लापरवाही, साजिश के तहत लोहे का टुकड़ा रखने और उपद्रव फैलाने आदि बिंदुओं पर जांच की जा रही है। इसमें अलग-अलग टीम काम कर रही हैं, जिनसे समय-समय पर बात की जाएगी। जल्द ही घटना का अनावरण किया जाएगा।
तीन दिन के आंकड़े के अनुसार अधिकारी सतर्क, रेलवे और पुलिस की आठ टीम जुटी
खुर्जा। जंक्शन और सिकंदरपुर रेलवे स्टेशन के पास पटरी पर लोहे का टुकड़ा रखने के मामले में पुलिस टीम और रेलवे की ओर से तीन दिन के आंकड़े पर बेहद विशेष सतर्कता बरती जा रही है। इसमें आरपीएफ, जीआरपी समेत आठ टीम जांच में जुटी हैं। वहीं, रेलवे सुरक्षा बल ने क्षेत्र में गश्त बढ़ा दी है।
छह दिसंबर की रात को खुर्जा जंक्शन रेलवे स्टेशन के पास डेढ़ मीटर लंबा लोहे का टुकड़ पटरी के बीचों-बीच रखा था। इस पर शिव गंगा एक्सप्रेस टकराई थी, जिसमें लोहे का टुकड़ा तीन-चार हिस्सों में टूटकर बिखर गया। इसके अलावा नौ दिसंबर की रात को इसी तरह सिकंदरपुर रेलवे स्टेशन के पास तीन मीटर लंबा लोहे का टुकड़ा रख दिया गया। इससे झारखंड स्वर्ण जयंती एक्सप्रेस टकराई थी। दोनों ही घटनाओं में तरीका और समय लगभग एक समान था, लेकिन तारीखों में तीन दिन का अंतर था। इसी को देखते हुए पुलिस टीम और सतर्क हो गई। इसमें आरपीएफ और पुलिस की ओर से पुरानी घटनाओं को जोड़ते हुए जांच शुरू कर दी है। इसी के चलते 12 दिसंबर के अनुमान में अधिकारियों ने जांच पड़ताल शुरू कर दी है। शनिवार को सबसे पहले एसएसपी और एसडीएम ने मौके का मुआयना किया। सोमवार को एडीजी राजीव सभरवाल और आईजी नचीकेत झा ने जांच की और अधिकारियों से जानकारी ली। वहीं मंगलवार को एडीजी जीआरपी जय नारायण सिंह पहुंचे।
दो आरपीएफ, एक जीआरपी और पांच टीम पुलिस की जुटी
एडीजी जीआरपी जय नारायण सिंह ने बताया कि घटना में आरपीएफ की दो और जीआरपी की दो टीम जांच कर रही हैं। दिल्ली- हावड़ा रेल मार्ग पर गश्त बढ़ा दी है। कोई भी गतिविधि मिलने पर संदिग्ध को हिरासत में लिया जा रहा है। वहीं, एसएसपी श्लोक कुमार के अनुसार एक स्वाट टीम, एसपी देहात की टीम, खुर्जा नगर, खुर्जा देहात और एक सायबर सेल जांच कर रही है। घटना स्थल के पास और उस दौरान चालू फोन ट्रेस किए जा रहे हैं।