बंद होने की बजाए गंगा में गिरने वाले नालों की संख्या बढ़ी
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राष्ट्रीय गंगा मिशन के सदस्य व पूर्व पुलिस महानिदेशक आरएन सिंह ने गंगा को प्रदूषणमुक्त करने में आमजन से आगे आने का आह्वान किया है। गंगातट पर आयोजित गंगा प्रेमियों की बैठक में उन्होंने कहा कि कस्बे व गांव के सीवेज को गंगा व नदियों में डाले जाने की बजाय उसका उपयोग सिंचाई व खेती के लिए किए जाने की आवश्यकता है।
जिससे नहरों के साफ पानी का उपयोग सिंचाई की बजाय पेयजल के रूप में किया जा सके। उन्होंने पंजाब के संत सींचेवाल द्वारा गंदे पानी का खेती के लिए किए जा रहे मॉडल को लागू किए जाने पर जोर दिया। आरएन सिंह ने कहा कि श्रमदान व जन सहयोग से बड़े से बड़ा कार्य आसान हो जाता है।
उन्होंने बताया कि नमामि गंगे के तहत केंद्र सरकार द्वारा गंगा को प्रदूषणमुक्त करने के लिए अनेकों योजनाएं लागू की जा रही हैं। माधुवेंद्र शर्मा ने सुझाव देते हुए कहा कि गंगा किनारे लगने वाले मेलों के दौरान लोगों को खुले में शौच जाना पड़ता है।
इसके लिए शासन को पर्याप्त मात्रा में मोबाइल शौचालय व स्थायी शौचालय बनाए जाने की आवश्यकता है। बैठक की अध्यक्षता अखिलेश पालीवाल व संचालन महेशचंद शर्मा ने किया। जावेद अख्तर, सुनील गुप्ता, डॉ. एसकुमार, पुरूषोत्तम शर्मा, दुष्यंत औतार शर्मा, माधुवेंद्र, राजू सैनी, अरविंद कश्यप, आदित्य गौड़, विवेक मौजूद रहे।